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जब निकलें बच्चे के दांत आजमाएं ये घरेलू उपाय

👤 Admin 1 | Updated on:2017-04-21 17:51:05.0

जब निकलें बच्चे के दांत
आजमाएं ये घरेलू उपाय

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नीलम अरोड़ा

क्या आपका बच्चा अपने इर्दगिर्द रखी हर चीज मुंह में लेने लगा है? क्या उसे बार बार दस्त हो रहे हैं? कई बार उल्टियां भी करता है? वह रात में सो नहीं पाता? अगर ये सारे लक्षण आपके बच्चे में दिख रहे हैं तो कहने की जरूरत नहीं है कि उसके दांत आ रहे हैं। दांत आने के दौरान शिशुओं में कई किस्म के शारीरिक बदलाव आते हैं इतना ही नहीं शिशु भी चिड़चिड़ा और मूडी हो जाता है। बच्चों की इस पीड़ा को समझ पाना आसान नहीं है। लेकिन इसके लिए डॉक्टर के पास जाना भी कोई समाधान नहीं है। सवाल है ऐसे में क्या किया जाए? ध्यान रखें कि ऐसे में मांओं की जिम्मेदारी उनके लिए और भी बढ़ जाती है। आप चाहें तो कुछ घरेलू उपचार के जरिये उनके इस दर्द को कम कर सकती हैं। आइये हम आपको कुछ ऐसी बातें बताते हैं जिनका इस्तेमाल करके आप बच्चे के दांत निकलने के दौरान उसे होने वाले कष्टों से उसे काफी हद तक बचा सकते हैं।

मसूड़ों की मसाज - जैसे ही बच्चे में दांत निकलने के लक्षण दिखने लगें बेहतर होगा कि उसके मसूड़ों की मसाज शुरु कर दें। मसूड़ों की मसाज करने के लिए आपको किसी बाहरी उपकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ करना यह है कि अपनी अंगुलियों से उसके मसूड़ों को हल्के हल्के दबाएं। इससे बच्चे को बहुत आराम मिलता है।

"ंडा आहार दें - दांत निकलते समय बच्चों में दर्द होना आम बात है। ऐसे में अगर उन्हें गर्म आहार दिया जाए तो संभवतः दांत की तकलीफ और बढ़ जाए। ऐसे में विशेषज्ञों की राय है कि खाना थोड़ा "ंडा करके दें। इससे बच्चे को खाने में आराम रहेगा और दर्द के एहसास में कुछ कमी आएगी।

कुतरने के लिए भीगे कपड़े दें - दांत निकलते वक्त बच्चा हर चीज मुंह में लेना चाहता है। वह हर चीज कुतरना चाहता है। क्योंकि उसके मसूडों में इतनी खुजली होती है कि उसे लगता है कि उसके मुंह में ऐसा कुछ रहे जिससे उसे आराम मिले। उसकी इसी आदत का फायदा उ"ाते हुए उसके मुंह में भीगे कपड़े डालें ताकि जब वह कुतरे तो उसे खुशी का एहसास हो और मसूड़ें नर्म हों। इससे दांत निकलने के दौरान दर्द में कमी आती है।

कोल्ड टीथर - कोल्ड टीथर लेने के बाद यह ध्यान रखें कि इसे फ्रीजर में रखने की गलती न करें। कोल्ड टीथर के इस्तेमाल से पहले उसे स्टेरलाइज करें ताकि आपके बच्चे को किसी तरह की बीमारी होने का खतरा न रहे। टीथर का इस्तेमाल हमेशा सफाई से करें। बहरहाल कोल्ड टीथर मसूड़ों को नरम करके दर्द को कम करता है।

रसभरी टीथर - यह न सिर्फ दिखने में आकर्षक है बल्कि छोटे बच्चों को आसानी से पसंद भी आते हैं। यह खेलने के काम तो आता ही है साथ ही चबाने के काम भी आता है। रसभरी टीथर चबाने से बच्चों में खुशी का एहसास होता है।

रबर टीथर - सामान्यतः मांएं अपने बच्चों के लिए रबर टीथर ही लेती हैं। इसके पीछे एक वजह यह है कि बच्चे अकसर अपने प्लास्टिक के खिलौने ही सबसे पहले कुतरना शुरु करते हैं। ऐसे में रबर टीथर उनके लिए ज्यादा उपयोगी होता है क्योंकि वह बच्चों को अपने खिलौनों जैसा लगता है। रबर टीथर का इस्तेमाल समझदारी से करें। इससे कई प्रकार की बीमारियां भी फैल सकती हैं।

चिनार की लकड़ी का टीथ रिंग - गैर विषाक्त होने के कारण इसका इस्तेमाल बतौर टीथ रिंग किया जा सकता है। सख्त और मजबूत दांत की चाह रखने वाली मां अपने बच्चे को चिनार की लकड़ी की बनी टीथ रिंग दे सकती हैं।

मुलायम खिलौने - दांत निकलते समय चूंकि बच्चे बेहद परेशान रहते हैं। उन्हें कई किस्म की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो उन्हें बुखार भी आ सकता है। ऐसे में उनके हाथ में सख्त खिलौने देने से बचें। उनके हाथों में जितने मुलायम खिलौने हों, वही दें। मखमल से बने खिलौने अच्छे विकल्प हैं।

नबी निबलर - यह एक पंत दो काज है। जी, हां! इसे आप चाहें तो बतौर फीडर भी इस्तेमाल कर सकती हैं और चाहें तो बतौर टीथर भी। दरअसल इसमें एक सिरा कवर होता है जिसके अंदर आप चाहें तो फल रख सकती हैं या फिर बर्फ ताकि उसे टीथर की तरह इस्तेमाल करें। इससे बच्चे को चबाने में आराम भी मिलेगा और खेलने में मजा भी आएगा।

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