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फुटबॉल वर्ल्डकप : गोल की गूंज... ताज की जंग

प्रकाशित: 10-06-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
नवीन शर्मा
फुटबॉल यूं ही दुनिया के सबसे पसंदीदा खेलों में शामिल नहीं है वैश्विक फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफा के आगामी विश्व कप का जुनून फिर इस बात पर मुहर लगा देगा कि क्यों फुटबॉल की दीवानगी पूरी दुनिया मे सर चढ़कर बोलती है। आगामी 11 जून से 19 जुलाई तक 39 दिन फुटबॉल का रोमांच पूरी दुनिया को अपने आगोश में ले लेगा। कहीं खुशियां आसमान छुएंगी तो कहीं हार के बाद आंसुओं का सैलाब बहेगा। ऐसा हो भी क्यों न क्योंकि206 देश क्वालिफाई दौर से गुजरे हैं जिसके बाद छह महाद्वीपों के 48 देशों के धुरंधर फुटबॉलर इस महामुकाबले में उतरने को बेताब है।
अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में होने वाले फीफा विश्व कप में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही है, इससे पहले 32 टीमें ही शिरकत करती थी। इस बार मैच भी 64 की जगह 104 खेले जाएंगे यानी टीमों की भागीदारी और मुकाबलो की संख्या के लिहाज से यह अब तक का सबसे बड़ा फीफा विश्व कप है। फाइनल 19 जुलाई को न्यूजर्सी में खेला जाएगा। ऐसा केवल दूसरी बार हो रहा है जब एक से अधिक देश मेजबानी कर रहे हैं इससे पहले 2002 में ऐसा हुआ था जब दक्षिण कोरिया और जापान ने संयुक्त मेजबानी की थी। अमेरिका और मेक्सिको तो पहले भी विश्व कप का आयोजन कर चुके हैं कनाडा पहली बार कर रहा है। मेक्सिको ने 1970 और 1986 में की थी जबकि अमेरिका 1994 में मेजबान था।
कैसा होगा प्रारूप - 48 टीमों को 12 ग्रुप में बांटा जाएगा हर ग्रुप में चार टीमें होगी हर ग्रुप की शीर्षदो टीमे अगले दौर में पहुंचेंगी। इसके अलावा तीसरे स्थान की श्रेष्ठ 8 टीमें भी अगले दौर में प्रवेश करेंगी। इसके बाद राउंड ऑफ 32, राउंड ऑ़फ 16 क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल होगा। पहली बार तीन अलग-अलग उद्घाटन समारोह भी अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होंगे।
टीमों की ताकत का विश्लेषण - सर्वाधिक पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील का पुराना जादू तो नहीं दिखता लेकिन फुटबॉल के दीवाने देश के जुनून को कभी कम करके नहीं आंका जाता कभी पेले और रोनाल्डो नजारियो जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में ब्राजील का डंका बजता था। अब सूरते- हाल यह है कि ब्राजील को ट्रॉफी जीते हुए दो दशक से अधिक का समय हो चुका है। पिछली ट्रॉफी 2002 में जीती थी।
अब तो अर्जेंटीना, फ्रांस, बेल्जियम, क्रोएशिया जैसी टीमों का जलवा भी होने लगा है। जर्मनी को जरूर पुरानी ख्याति फिर से अर्जित करनी है। अर्जेंटीना गत चैंपियन है जबकि फ्रांस लगातार दो बार से फाइनल में पहुंच रहा है। छोटे-छोटे पासों की अपनी टिकी-टाका शैली के लिए मशहूर स्पेन को भी कमजोर नहीं माना जाता।
पावर गेम के लिए मशहूर अफ्रीकी टीमें खास दिन कोई भी बड़ा उलटफेर करने में सक्षम हैं और यूं तो 4 बार की चैंपियन इटली की टीम लगातार तीसरी बार विश्व कप का हिस्सा नहीं है। प्रतिस्पर्धा का यह आलम है कि अफ्रीकी टीम कैमरून और नाइजीरिया भी इस बार भाग नहीं ले पाएंगी।
विश्व कप जीतने वाली टीमें - अभी तक 22 बार विश्व कप का आयोजन हो चुका है। ब्राजील ने सर्वाधिक 5 बार, जर्मनी और इटली ने 4-4 बार, अर्जेंटीना ने 3 बार, फ्रांस और उरुग्वे ने 2-2 बार जबकि इंग्लैंड और स्पेन ने 1-1 बार खिताब जीता है।
इन सितारों पर रहेगी नजर
लियोनेल मेसी - अर्जेंटीना के इस लगभग 39 साल के सुपर स्टार का मैजिक अभी जारी है पिछली बार कतर में हुए विश्व कप में मेसी ने अपनी टीम को खिताब जिताने में बड़ी भूमिका अदा की थी। मेजर लीग सॉकर में वह अभी भी गोल और रिकॉर्ड बना रहे हैं। यह उनका छठा और अंतिम विश्व कप माना जा रहा है तो इसे यादगार बनाने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। दुनिया भर में उनके फैन हैं और वे अपने इस महानायक के एक-एक मूव पर फिदा रहते हैं। अब तक उन्होंने विश्व कप में 26 मैच खेले हैं जिनमें 13 गोल किए हैं।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो-पुर्तगाल के 41 साल के अनुभवी सितारे का छठा और अंतिम विश्व कप माना जा रहा है। गोल मशीन के रूप में मशहूर 7 नंबर की जर्सी वाले रोनाल्डो अपनी तेजी और दमदार हेडर के लिए जाने जाते हैं। पुर्तगाल की दावेदारी उनके प्रदर्शन पर ही निर्भर करती है। अपने देश को पहली बार खिताब जीतने की हसरत में रोनाल्डो का कमाल फिर देखने को मिल सकता है। 5 विश्व कप में अब तक 8 गोल कर चुके हैं।
कायलिन एमबापे - फ्रांस के सुपरस्टार फुटबॉलर ने 2018 में 19 साल की उम्र में अपनी टीम को विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी मदद की। रियल मैड्रिड का यह खिलाड़ी 27 साल का हो चुका है। पिछली बार कतर में हुए विश्व कप में फ्रांस को फाइनल में पहुंचाया।
नेमार जूनियर - ब्राजील के 34 साल के खिलाड़ी के साथ अक्सर फिटनेस की समस्या रहती है। बावजूद उनके रुतबे में कोई कमी नहीं है अब तक तीन विश्व कप खेल चुके हैं और 13 मैचो में 8 गोल उनके खाते में दर्ज हैं।
लुका मैड्रिच - क्रोएशिया के इस 40 साल के मिडफील्डर को अपने अनुशासन और संयमित खेल के लिए जाना जाता है उनकी कप्तानी में 2018 में क्रोएशिया की टीम उपविजेता बनी थी और 2022 में तीसरे स्थान तक पहुंची थी। अपना 5वां विश्व कप खेल रहे हैं।
लामिन यमाल - 22 साल के स्पेन के इस फुटबॉलर को भविष्य का सुपरस्टार माना जा रहा है यूरो कप 2024 में वह अपना कमाल दिखा चुके हैं। गेंद पर नियंत्रण और ड्रिबलिंग के कारण उनकी तुलना अभी से मेसी से की जाने लगी है।
विनिसियस जूनियर -ब्राजील का यह फुटबॉलर तेजी और ड्रिबलिंग के चलते विपक्षी टीमों की रक्षा पंक्ति के लिए बड़ा सिरदर्द रहता है। प्रदर्शन में निरंतरता है और इस बार ब्राजील के प्रशंसकों को उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।
एर्लिंग हालैंड - नॉर्वे के 6 फीट 5 इंच के इस दमदार फुटबॉलर की गिनती मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में होती है मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलते हैं ताकतवर हेडर लगाते हैं। बॉक्स के अंदर फिनिशिंग में माहिर हैं। प्रीमियर लीग में 25 से ज्यादा गोल कर चुके हैं सीजन में उनके क्लब के लिए 36 गोल हैं।
क्रिश्चियन पुलिसिच-अमेरिका के कप्तान अपने घरेलू मैदान पर खेलेंगे। एसी मिलान क्लब में अपने प्रदर्शन से उन्होंने यूरोपीय फुटबॉल में अपनी एक पहचान बना ली है।
किस ग्रुप में कौन सी टीम
ए-ग्रुप - मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, चेक गणराज्य, बी-ग्रुप - कनाडा, बोसानिया व हरजेगोविना, कतर, स्विट्जरलैंड, सी-ग्रुप - ब्राजील, मोरक्को, स्कॉटलैंड, हैती, डी-ग्रुप - अमेरिका, पराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, तुर्किये, ई-ग्रुप - जर्मनी, कुराकाओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर, एफ-ग्रुप - नीदरलैंड, जापान, स्वीडन, ट्यूनीशिया, जी-ग्रुप - बेल्जियम, मिस्र, न्यूजीलैंड, ईरान, एच-ग्रुप - स्पेन, कैपवरडे, सऊदी अरब, उरुग्वे, आई-ग्रुप - फ्रांस, सेनेगल, इराक, नॉर्वे, जे-ग्रुप - अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन, के-ग्रुप - पुर्तगाल, डी आर कांगो, उज़्बेकिस्तान, कोलंबिया, एल-ग्रुप -इंग्लैंड, कोलंबिया, घाना, पनामा
रोचक तथ्य
-दिग्गज पेले ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने तीन बार 1958, 1962 और 1970 में विश्व कप फाइनल खेला।
-जर्मनी सर्वाधिक 8 बार फाइनल खेलने वाली टीम है।
-अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी अब तक सर्वाधिक 26 विश्व कप मैच खेलने वाले फुटबॉलर हैं।
-जर्मनी के मिरास्लोव क्लोज ने अभी तक सर्वाधिक 16 गोल किए हैं।
-सबसे तेज गोल का रिकॉर्ड तुर्किये के हकन सुकूर के नाम है जिन्होंने 2022 के विश्व कप में 11 सेकंड में गोल कर दिया था दक्षिण कोरिया के खिलाफ।
-सबसे बड़े उलटफेर: 1950 के विश्व कप में उरुग्वे ने मेजबान ब्राजील को हराया था। इसके अलावा सेनेगल ने 2002 में पिछली चैंपियन फ्रांस को उद्घाटन मैच में मात दी थी।
-हैंड ऑफ गॉड: 1986 के विश्व कप में अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना का हाथ इंग्लैंड के खिलाफ गोल करते समय फुटबॉल से लग गया था जिस पर रेफरी की नजर नहीं पड़ी थी। बाद में माराडोना ने इसे हैंड ऑफ गॉड यानी ईश्वर का हाथ बताया था।
रिकॉर्ड जो इस बार टूट सकते हैं
-अर्जेंटीना के मेसी या पुर्तगाल के रोनाल्डो छह बार विश्व कप खेलने वाले पहले फुटबॉलर हो सकते हैं। दरअसल दोनों ही उन फुटबालरों में शामिल है जो पांच-पांच विश्व कप खेल चुके हैं। वैसे इस बार अर्जेंटीना का मैच 16 जून को पुर्तगाल से पहले है और अगर मेसी उस मैच में खेलते हैं तो वह यह रिकॉर्ड बना सकते हैं।
-मेसी के नाम अभी तक विश्व कप में 13 गोल है अगर वह चार गोल और करते हैं तो मिरास्लोव क्लोज का 16 गोल का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। वैसे फ्रांस के एमबापे दो विश्व कप में अभी तक 12 गोल कर चुके हैं, 24 साल के हैं और सबसे युवा 15 गोल करने वाले फुटबॉलर बन सकते हैं।
-अर्जेंटीना 1962 के बाद खिताब की रक्षा करने वाली पहली टीम बन सकती है।
-2022 विश्व कप में 172 गोल हुए थे। इस विश्व कप में ज्यादा टीमें 48 और सबसे ज्यादा मैच 104 होने से यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
-नार्वे के एर्लिंग हॉलैंड अपने पहले विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बना सकते हैं।
भारत का विश्व कप का सपना अधूरा - दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मेले में 140 करोड़ से अधिक लोगों की आबादी वाले अपने देश भारत के फुटबॉल प्रेमी सिर्फ दूसरी टीमों की हौसला अफजाई करते नजर आते हैं। कोई अर्जेंटीना की जीत का जश्न मनाता है तो कोई ब्राजील के गोल पर नाचता है।
दरअसल तो भारतीय फुटबॉल वर्षों से पंचर पड़ी है। हम फुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर पाते कभी हम एशिया मे सिरमौर थे लेकिन अब एशिया स्तर पर शीर्ष टीमों में भी नहीं है। इस बार विश्व कप क्वालीफायर में अफगानिस्तान से हार कर बाहर हो गए थे।
हमारी फीफा रैंकिंग 137 वीं है। हमने आज तक फुटबॉल विश्व कप नहीं खेला। वर्ष 1950 में हमारे पास खेलने का मौका था। क्वालीफाइंग दौर के ग्रुप में हमारे साथ की बर्मा और फिलिपींस की टीम हट गई थी और हमें बिना मैच खेले टिकट हासिल हो गया था लेकिन भारतीय फुटबाल महासंघ ने टीम ही नहीं भेजी। अलग-अलग कारण बताए गए जिसमें यात्रा खर्च और तैयारी के लिए अपर्याप्त समय शामिल है।