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हाथियों को "ंडक पहुंचाने के लिए दी जा रही आईसक्रीम, दही व मौसमी फल

प्रकाशित: 25-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मथुरा (भाषा)। उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी के बीच मथुरा के एक पुनर्वास केंद्र में बचाए गए हाथियों को "ंडक पहुंचाने के लिए आइसक्रीम, फ्रोजन फ्रूट ब्लॉक, दही, मौसमी फल दिए जा रहे हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शंकर सिंह ने बताया कि हाथियों का शारीरिक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है।उन्होंने कहा कि इनमें पसीना बाहर निकालने की ग्रंथियां बहुत कम होती हैं, इसलिए ये पसीने से खुद को "ंडा नहीं कर पाते और बड़े शरीर के कारण गर्मी धीरे निकलती है। सिंह ने कहा कि इनके बड़े कान फड़फड़ाकर प्राकृतिक कूलिंग का काम करते हैं और पानी, कीचड़ व छाया इनके लिए जरूरी है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि केंद्र में 34 बचाए गए हाथी हैं, जिनमें 14 नर, 20 मादा हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मी में हाथियों की सैर सुबह जल्दी और शाम को देर से कराई जाती है ताकि दोपहर की गर्मी से बच सकें।
सत्यनारायण ने कहा, w पानी बौछारों, साफ पूल और पेयजल की नियमित सफाई से हाथियों के शरीर में जल की मात्रा संतुलित रखी जा रही है। छाया संरचनाओं और कीचड़ में स्नान से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। हाथी मिट्टी में पानी मिलाकर शरीर पर लगाते हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलती है।w
पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. इलैयाराजा एस ने बताया कि हाथियों के आहार में फ्रोजन फ्रूट आइस पॉप्सिकल्स, दही-दलिया, ओआरएस, तरबूज, खीरा, खरबूजा, गन्ना, आम और केला शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आहार हाथी की जरूरत के अनुसार दिया जाता है और एक हाथी को रोज करीब 100 लीटर पानी चाहिए।
वन रेंजर अधिकारी अतुल तिवारी ने कहा कि हाथियों के लिए पानी बेहद जरूरी है और वे जलाशयों में समय बिताना तथा मिट्टी में नहाना पसंद करते हैं।