पाक को ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के अगले दौर की शीघ्र मेजबानी करने की उम्मीद : शहबाज शरीफ
प्रकाशित: 25-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
इस्लामाबाद, (भाषा)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि इस्लामाबाद को उम्मीद है कि वह ईरान और वाशिंगटन के बीच शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी बहुत जल्द करेगा।
शरीफ ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के असाधारण प्रयासों की प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में शांति के लिए प्रयास जारी रखेगा। ट्रंप ने शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं से फोन पर बातचीत की। चीन की यात्रा पर गए शरीफ ने फील्ड मार्शल की भी सराहना की और कहा, मैं पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके अथक प्रयासों की अत्यंत सराहना करता हूं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक बयान में कहा, इन चर्चाओं ने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों के आदान-प्रदान का एक उपयोगी अवसर प्रदान किया और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए जारी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया गया। पाकिस्तान पूरी ईमानदारी के साथ अपने शांति प्रयास जारी रखेगा और हमें उम्मीद है कि हम बहुत जल्द वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करेंगे। मुनीर शनिवार देर शाम तक तेहरान में थे जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच निर्णायक समझौते को हासिल करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए शीर्ष ईरानी नेताओं के साथ बातचीत की। मुनीर शनिवार देर शाम तक तेहरान में थे, जहां उन्होंने ईरान के शीर्ष नेताओं के साथ वार्ता की। इन वार्ताओं में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच एक निर्णायक समझौता हासिल करने के प्रयासों को तेज करने पर चर्चा हुई। मुनीर की यात्रा समाप्त होने पर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक बयान में कहा, अमेरिका, इस्लामी गणराज्य ईरान और अन्य विभिन्न देशों के बीच अमेरिका, ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौता काफी हद तक तय हो चुका है , हालांकि इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से फोन पर बातचीत हुई जो बहुत अच्छी रही। उन्होंने कहा कि समझौते के विभिन्न पहलुओं और विवरण पर फिलहाल चर्चा जारी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की कार्वाई के कारण ईंधन की गंभीर कमी पैदा हो गई है और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। पाकिस्तान मौजूदा संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में उभरा है। कई विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान को ईरान और अमेरिका, दोनों का भरोसा हासिल है। इस्लामाबाद ने पिछले महीने दोनों पक्षों के वरिष्" नेताओं की वार्ता की मेजबानी की थी, जो 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, लेकिन पक्षों के बीच शांति समझौता नहीं हो सका। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में अड़चन के मुख्य मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हैं, जो सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ईंधन आपूर्ति का मार्ग है। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू करने के बाद से जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों का आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। अमेरिका-इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी हमले किए। हालांकि, आ" अप्रैल से युद्धविराम लागू होने के बावजूद जहाजों के आवागमन में बाधा जारी है।
ट्रंप ने शनिवार को अपने संदेश में दोहराया, समझौते के कई अन्य बिंदुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले जाने का मुद्दा भी शामिल है। लेकिन ईरान और पाकिस्तान ने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
शरीफ ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के असाधारण प्रयासों की प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में शांति के लिए प्रयास जारी रखेगा। ट्रंप ने शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं से फोन पर बातचीत की। चीन की यात्रा पर गए शरीफ ने फील्ड मार्शल की भी सराहना की और कहा, मैं पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके अथक प्रयासों की अत्यंत सराहना करता हूं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक बयान में कहा, इन चर्चाओं ने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों के आदान-प्रदान का एक उपयोगी अवसर प्रदान किया और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए जारी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया गया। पाकिस्तान पूरी ईमानदारी के साथ अपने शांति प्रयास जारी रखेगा और हमें उम्मीद है कि हम बहुत जल्द वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करेंगे। मुनीर शनिवार देर शाम तक तेहरान में थे जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच निर्णायक समझौते को हासिल करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए शीर्ष ईरानी नेताओं के साथ बातचीत की। मुनीर शनिवार देर शाम तक तेहरान में थे, जहां उन्होंने ईरान के शीर्ष नेताओं के साथ वार्ता की। इन वार्ताओं में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच एक निर्णायक समझौता हासिल करने के प्रयासों को तेज करने पर चर्चा हुई। मुनीर की यात्रा समाप्त होने पर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक बयान में कहा, अमेरिका, इस्लामी गणराज्य ईरान और अन्य विभिन्न देशों के बीच अमेरिका, ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौता काफी हद तक तय हो चुका है , हालांकि इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से फोन पर बातचीत हुई जो बहुत अच्छी रही। उन्होंने कहा कि समझौते के विभिन्न पहलुओं और विवरण पर फिलहाल चर्चा जारी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की कार्वाई के कारण ईंधन की गंभीर कमी पैदा हो गई है और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। पाकिस्तान मौजूदा संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में उभरा है। कई विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान को ईरान और अमेरिका, दोनों का भरोसा हासिल है। इस्लामाबाद ने पिछले महीने दोनों पक्षों के वरिष्" नेताओं की वार्ता की मेजबानी की थी, जो 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, लेकिन पक्षों के बीच शांति समझौता नहीं हो सका। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में अड़चन के मुख्य मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हैं, जो सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ईंधन आपूर्ति का मार्ग है। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू करने के बाद से जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों का आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। अमेरिका-इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी हमले किए। हालांकि, आ" अप्रैल से युद्धविराम लागू होने के बावजूद जहाजों के आवागमन में बाधा जारी है।
ट्रंप ने शनिवार को अपने संदेश में दोहराया, समझौते के कई अन्य बिंदुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले जाने का मुद्दा भी शामिल है। लेकिन ईरान और पाकिस्तान ने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।