वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

एम्स पटना में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया गया

प्रकाशित: 19-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
पटना। ‘साइलेंट किलर' के नाम से जाने जाने वाले उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर के खतरों और उससे बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के मकसद से पूरी दुनिया के साथ साथ एम्स पटना में भी सोमवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026 मनाया गया। इस अवसर पर एम्स पटना के मेडिसिन विभाग द्वारा विभिन्न कार्पाम आयोजित किए गए। इस वर्ष विश्व उच्च रक्तचाप दिवस की थीम अपने रक्तचाप को सही तरीके से मापें, उसे नियंत्रित रखें एवं दीर्घायु जीवन जिएं रही जिसके माध्यम से लोगों को नियमित रक्तचाप जांच और समय पर उपचार के प्रति जागरूक
किया गया। दरअसल भारत सहित पूरी दुनिया में उच्च रक्तचाप तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार देश में लगभग हर तीन में से एक वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित है जबकि बड़ी संख्या में लोगों को अपने बढ़े हुए रक्तचाप की जानकारी तक नहीं होती। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। इसी उद्देश्य से एम्स पटना में 16 एवं 18 मई 2026 को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए जिनमें लगभग 150 लोगों एवं संस्थान के कर्मचारियों ने भाग लिया। शिविर में प्री-हाइपरटेंशन एवं हाइपरटेंशन की जांच की गई। जांच के दौरान कई लोगों में बढ़े हुए रक्तचाप के संकेत पाए गए जिन्हें तत्काल चिकित्सकीय परामर्श, काउंसलिंग तथा जीवनशैली में सुधार संबंधी सुझाव दिए गए। प्रतिभागियों को कम नमक का सेवन, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण, धूम्रपान एवं शराब से दूरी तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह दी गई।
18 मई को एम्स पटना परिसर में कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में एक जागरूकता वॉकेथॉन का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से लोगों को “साइलेंट किलर'' कहे जाने वाले उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रक्तचाप जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। रैली में डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्पाम के अंतर्गत मेडिसिन विभाग द्वारा एक जन-जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) ज्योति प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि प्री-हाइपरटेंशन की समय पर पहचान और सही प्रबंधन से भविष्य में होने वाली गंभीर हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी बीमारियों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
वहीं एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण उच्च रक्तचाप के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार लेने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने, पर्याप्त नींद लेने और समय-समय पर रक्तचाप जांच कराने की अपील की।
कार्पाम में डॉ. अजीत कुमार, प्रभारी डीन (एकेडमिक्स), डॉ. अमित राज, विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग, डॉ. आनंद राय, विभागाध्यक्ष न्यूरोलॉजी सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी एवं संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।
जन जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्पाम के दौरान उच्च रक्तचाप के जोखिम कारकों, लक्षणों एवं बचाव उपायों से संबंधित लगभग 150 जागरूकता पेंपलेट भी वितरित किए गए। एम्स पटना द्वारा आयोजित यह कार्पाम संस्थान की जनस्वास्थ्य जागरूकता, निवारक चिकित्सा और स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।