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विभिन्न विषयों पर गहराई से लिखे गए लेख और विश्लेषण।
प्रो. सरोज शर्मा प्राचीन भारत विश्व की उन सभ्यताओं में से एक है जिन्होंने मानवता के लिए अमूल्य वैज्ञानिक और तकनीकी धरोहर प्रदान की है। आधुनिक इंजीनियरिंग की उत्पत्ति सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1300 ई.पू.) द्वारा विकसित उत्कृष्ट शहरी नियोजन, जल निकासी व्यवस्था और परिष्कृत धातु-कार्य कौशल से मानी जा सकती...
22 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
डॉ. ओंकार त्रिपाठी धरना समाप्त हो गया, लेकिन अपने पीछे अनेक अनुत्तरित प्रश्न छोड़ गया। सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या यह केवल एक धरना था, या किसी नई राजनीतिक भूमिका की प्रस्तावना? पूरे घटनाक्रम में नेतृत्व, उद्देश्य और स्वर लगातार बदलते दिखाई दिए। शुरुआत एक सोशल मीडिया आधारित...
21 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
आनन्द उपाध्याय ‘सरस' विगत दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में प्रदेश के मुख्य मंत्री से आग्रह किया कि वह स्वीकार करें कि अब समय आ गया है जब राज्य सरकार को सुपीरियर रिस्पांस्बिलिटी (वरिष्ठ जिम्मेदारी) का सिद्धांत विकसित करना चाहिए। इसके अन्तर्गत अधीनस्थों के भ्रष्टाचार, लापरवाही व...
21 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
डॉ. विपिन कुमार भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहते, बल्कि शासन, प्रशासन और नीतिगत क्रियान्वयन की दिशा भी निर्धारित करते हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ऐसे ही नेताओं में शामिल हैं, जिनकी कार्यशैली को सुशासन,...
20 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
डा. रवीन्द्र अरजरिया भारतीय लोकतंत्र आज एक अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। स्वतंत्रता के अमृतकाल में जहां एक पारदर्शी, जवाबदेह और लोक-कल्याणकारी व्यवस्था की आशा है वहीं धरातल पर स्थितियां इसके विपरीत होती जा रही हैं। राजनीति जनसेवा का माध्यम न रहकर विशुद्ध रूप से सत्ता...
20 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
डॉ. प्रवेश कुमार हिमालयं समारभ्य यावत् इंदु सरावरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिंदुस्थानं प्रचक्षतेर्|ि भारत का परिचय देने वाला संस्कृत का यह सुभाषित बता देता है कि हिमालय से लेकर वह दक्षिण के समुद्र तक कोई भूमि है जो देवताओं के द्वारा निर्मित है तो वह है भारत भूमि जिसे हिन्दू...
18 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम
राज कुमार सिन्हा केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन में सभी कानूनों की धज्जियां उड़ाए जाने के विरोध में मध्य भारत के ग्रामीणों ने एक बार फिर चिता आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। बुंदेलखंड (मध्य भारत) की आदिवासी महिलाओं और किसानों का असाधारण चिता आंदोलन, कुछ समय स्थगित रहने...
17 जुलाई 2026 • संपादकीय टीम