वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

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विभिन्न विषयों पर गहराई से लिखे गए लेख और विश्लेषण।

डॉ. विपिन कुमार भारत विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश होने के साथ-साथ एक युवा राष्ट्र भी है। किसी भी देश की जनसंख्या केवल आंकड़ों का विषय नहीं होती, बल्कि उसकी आर्थिक प्रगति, सामाजिक संरचना, राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य की विकास यात्रा का आधार होती है। इसी कारण जनांकिकी को...

8 जून 2026 • संपादकीय टीम

डा. रवीन्द्र अरजरिया समूचे संसार को निगलता अहंकार का दावानल देश - दुनिया के सामने अस्थिरता का परिदृश्य नित नये रंग दिखा रहा है। ईरान जैसे छोटे से देश के सामने अमेरिका जैसी महाशक्ति का घुटने टेकने की स्थिति का निर्मित होना, पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों की धमकी देना, डीप...

8 जून 2026 • संपादकीय टीम

बसंत कुमार बंगाल में 15 वर्ष तक शासन करने के पश्चात टीएमसी विधानसभा चुनाव हार गई इस पराजय का कारण एंटी इनकमबैंसी कहा जा सकता है। पर हैरानी की बात यह है कि जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करने वाली पार्टी में वोट पड़ गई पश्चिम बंगाल के...

7 जून 2026 • संपादकीय टीम

अजय कुमार बिहार के पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका देश भर में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की उम्मीदों का केंद्र माना जाता है। लेकिन हाल ही में इस इलाके से जो तस्वीरें और खबरें सामने आईं, उसने न केवल शिक्षा के इस मंदिर को शर्मसार किया है...

7 जून 2026 • संपादकीय टीम

अवधेश कुमार पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वारा सत्ता संभालने के अल्पकाल में ही स्पष्ट बदलाव दिख रहा है। ऐसा लगता है कि केवल ममता सरकार की विचारधारा और दिशा के बिल्कुल उलट शुभेंदु सरकार ने यू टर्न ही नहीं किया बल्कि सारे कील कांटों को उखाड़ते, ध्वस्त करते...

6 जून 2026 • संपादकीय टीम

डॉ. प्रवेश कुमार भारत के संविधान के निर्माता पूज्य बाबा साहब भीमराव रामजी अम्बेडकर जी ने कहाँ था कि राजनीतिक स्वतंत्रता तब तक अधूरी है, जब तक समाज में सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित न हो। वर्तमान मोदी सरकार के द्वारा इसी सामाजिक लोकतत्र की मजबूती के प्रयास किए जा...

6 जून 2026 • संपादकीय टीम

आचार्य राघवेन्द्र पी.तिवारी वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है। जलवायु परिवर्तन, तापवृद्धि, जल-संकट, वायु-प्रदूषण, वन-विनाश और जैव-विविधता का क्षय गंभीर चुनौती बन गए हैं। आधुनिक विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ अब ‘सतत विकास' तथा ‘पर्यावरणीय संतुलन' की आवश्यकता पर बल देने लगीं हैं, जबकि वैदिक परम्परा ने...

5 जून 2026 • संपादकीय टीम

अजय कुमार दिल्ली का कॉन्स्टिट्यूशन क्लब अमूमन गंभीर राजनीतिक बहसों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और रवायती नेताओं की सफेद पोशाकों का गवाह बनता रहा है। लेकिन बीते बुधवार को वहां जो कुछ हुआ, उसने भारतीय राजनीति के एक नए और अतरंगे अध्याय की आहट दे दी। तीन पढ़े-लिखे नौजवान मंच पर बैठते...

5 जून 2026 • संपादकीय टीम

अवनीश कुमार गुप्ता भारतीय समाज में शिक्षा को हमेशा सामाजिक परिवर्तन, बौद्धिक विकास और राष्ट्रीय निर्माण का सबसे प्रभावशाली साधन माना गया है। प्राचीन गुरुकुलों से लेकर आधुनिक विश्वविद्यालयों तक शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना रहा है जो विवेकशील, नैतिक,...

4 जून 2026 • संपादकीय टीम

शिव शंकर द्विवेदी जो लोग संस्कृत भाषा से परिचित नहीं हैं उनके लिए भारतीय दर्शन में प्रयुक्त होने वाले शब्दों को समझने में असुविधा होती है। इन्ही शब्दों में आधारभूत और आधेयभूत सत्ता को समझने की चुनौती कुछ पाठकों के समक्ष रही है। इन पाठकों की सुविधा के लिए आवश्यक...

4 जून 2026 • संपादकीय टीम

अशोक उपाध्याय भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर 5 से 21 जून तक देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला किया है। पार्टी नेता गांवों में जाकर सरकार की उपलब्धियां बताएंगे और लोगों से संवाद करेंगे। इस दौरान संगठन विस्तार, बूथ स्तर को मजबूत...

4 जून 2026 • संपादकीय टीम

ओ.पी. पाल भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा और सबसे जीवंत लोकतांत्रिक ढांचा है। देश में वन नेशन-वन इलेक्शन महज एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुदृढ़ता और विकास की निरंतरता के लिए एक आवश्यक ढांचागत सुधार है। देश को बार-बार के चुनावी मोड से बाहर...

3 जून 2026 • संपादकीय टीम

विवेक शुक्ला ये सच है कि भारत की तेजी से बदलती आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था में सरकारी जांच एजेंसियां कानून के शासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी संस्थाएं वित्तीय अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी, फ्रॉड और...

3 जून 2026 • संपादकीय टीम

संजय सक्सेना भारत के कई राज्यों और जिलों में पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या की बनावट (डेमोग्राफी चेंज) में जो असामान्य बदलाव आए हैं, उस पर लगाम लगाने के लिये मोदी सरकार ने कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया हैं। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। गौरतलब...

2 जून 2026 • संपादकीय टीम

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा मौसम विभाग द्वारा 29 मई को जून से सितंबर मानसून के दौरान 10 प्रतिशत कम बरसात का पूर्वानुमान बेहद चिंताजनक का कारण बन गया है। इससे पहले जारी पूर्वानुमान में 8 प्रतिशत कम बरसात की संभावना व्यक्त की गई थी। लगभग दस साल बाद देश में...

2 जून 2026 • संपादकीय टीम