वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

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विभिन्न विषयों पर गहराई से लिखे गए लेख और विश्लेषण।

ओ.पी. पाल भारत में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव ने दूरसंचार उपकरणों, खासतौर से मोबाइल इंसान के लिए रोजमर्रा की जिंदगी, व्यापार और शासन (गवर्नेंस) का एक अभिन्न हिस्सा बना दिया है। आज हमारे मोबाइल नेटवर्क और डिवाइस डिजिटल पेमेंट, ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं और नागरिकों पर केंद्रित विभिन्न...

24 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

योगेश कुमार गोयल कुछ व्यक्तित्व अपने जीवन की लंबाई से नहीं बल्कि अपने विचारों की गहराई और कर्मों की व्यापकता से इतिहास में स्थान बनाते हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ही व्यक्तित्व थे। साधारण जीवन जीते हुए उन्होंने भारतीय राजनीति, समाज और अर्थचिंतन को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने...

24 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

सौरभ वार्ष्णेय दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर ने एक बार फिर देश के चुनावी तंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रािढया के दौरान पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप...

23 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

विवेक शुक्ला अब कुछ ही महीनों के बाद पंजाब विधान सभा के चुनाव होने हैं। इस बार भी पंजाब का चुनाव नशे के मुद्दे पर लड़ने की कवायद शुरू हो गई है। जो पार्टी इस समय सत्ता में है, उसने भी पिछली बार पंजाब को छह माह के भीतर नशा...

23 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

तनवीर जाफरी वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोल समादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिसॉल्व नामक एक सैन्य अभियान के दौरान गत 3 जनवरी, 2026 को वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास से हिरासत में ले लिया गया था। इस समय वे न्यूयॉर्क की एक फ़ेडरल...

22 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

डॉ. ओंकार त्रिपाठी समान नागरिक संहिता को लेकर देश में जितनी चर्चा है, उतनी ही धारणाएँ और आशंकाएँ भी हैं। कोई इसे समानता की दिशा में बड़ा कदम मानता है, तो कोई इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखता है। ऐसे में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि समान नागरिक...

22 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

कांतिलाल मांडोत दुनिया में बदलते सामरिक समीकरणों, बढ़ते तनाव और कई क्षेत्रों में जारी संघर्षों के बीच परमाणु हथियार आज भी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी एसआईपीआरआई की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 तक दुनिया...

19 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

शिव शंकर द्विवेदी श्रीकृष्ण के द्वारा प्रख्यापित तत्वमीमांसा पर विमर्श करने के उपरान्त भी यह सहज रूप से समझा जा सकता है कि श्रीकृष्ण ने क्यों दुःखों और सुखों के प्रति समभाव रखते हुए नियतकर्म करने का परामर्श दिया है? श्रीकृष्ण की तत्वमीमांसा में समझाया गया है कि आत्मा, अजर,...

19 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

विवेक शुक्ला आपको दिल्ली, मुंबई और देश के बड़े शहरों और महानगरों में इस तरह के हजारों लोग मिल जाएंगे जो हर रोज अपने घर से दफ्तर और फिर वापसी के सफर में 4-5 घंटे लगा देते हैं। जाहिर है, इससे उनकी पूरी पर्सनेल्टी पर असर पड़ना लाजिमी है। इस...

16 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

प्ऱोफेसर (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी अजीना टेपे ताजिकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्मारकों में से एक है और मध्य एशिया में बौद्ध धर्म से जुड़ी सबसे खास जगहों में से एक है। यह ताजिकिस्तान और भारत के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधों के बारे में अहम सबूत देता है। अजीना...

16 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

प्रशांत कुमार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में साझा घोषणापत्र पर आम सहमति बनना भारत के लिए केवल सफल मेजबानी का प्रमाण नहीं है। यह उस कूटनीतिक क्षमता का प्रदर्शन है, जिसकी बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में आज सबसे अधिक जरूरत है। विरोधी हितों के बीच संवाद बनाए रखना, मतभेदों को टकराव में...

15 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

डॉ. ओंकार त्रिपाठी 14 सितंबर आते ही देश में हिंदी का मौसम आ जाता है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी पखवाड़े की चहल-पहल बढ़ जाती है। प्रतियोगिताएं होती हैं, निबंध लिखे जाते हैं, कविताएं पढ़ी जाती हैं, पुरस्कार बांटे जाते हैं और हिंदी के गौरव पर भाषण दिए जाते हैं। हिंदी...

15 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

ओ.पी. पाल अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका में बीते कुछ दशकों में ऐतिहासिक और बुनियादी बदलाव आया है। एक समय था जब विकासशील देश अंतर्राष्ट्रीय एजेंडे को केवल स्वीकार करते थे, लेकिन आज भारत वैश्विक एजेंडे और प्राथमिकताओं को तय करने की अग्रणी भूमिका में है।...

14 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

डा. रवीन्द्र अरजरिया बंगाल से लेकर दिल्ली तक दुर्गा पूजा पर मांसाहार के भक्षण पर बयानों, प्रदर्शनों और शब्द मंथन का दौर प्रारम्भ हो गया है। खान-पान, रहन-सहन और सोच-विचार के आधार पर देश को बांटने का प्रयास आक्रान्ताओं के आगमन के साथ ही शुरू हो गया था। चाटुकारों की...

14 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम

बसंत कुमार पिछले दिनों सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ को हर समय देश के मुसलमानों को गद्दार आतंकवादी कहते सुना जाता है मानो इस देश के निर्माण में मुसलमानों का कोई योगदान ही न रहा हो। पिछले दिनों अपनी वीडियो में विभिन्न भाषा विभिन्न संस्कृतियों, विभिन्न धर्मों वाले देश के...

13 सितंबर 2026 • संपादकीय टीम