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राष्ट्रमंडल खेल 2030 की तैयारियां: खेल मंत्रालय एनएसएफ में आईटी सलाहकार नियुक्त करेगा

प्रकाशित: 29-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। खेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बेहतर तालमेल के लिए अपनी डिजिटल प्रणाली को मजबूत करने हेतु राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) में आईटी सलाहकारों की नियुक्ति करेगा।
यह योजना राष्ट्रीय खेल डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र (एनएसडीई) के व्यापक ढांचे का हिस्सा है। हालांकि मंत्रालय ने अभी यह साफ नहीं किया है कि वह प्रत्येक संघ में कितने पेशेवरों को नियुक्त करना चाहता है, इसके लिए क्या समय-सीमा या मापदंड होंगे। खेल मंत्रालय वर्तमान में 40 से अधिक राष्ट्रीय संघों को मान्यता देता है।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, इस पहल का उद्देश्य संघ विशिष्ट डिजिटल प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों, खिलाड]ियों की भागीदारी, प्रशासन प्रक्रियाओं और वास्तविक समय में तालमेल के लिए अधिक प्रभावी योजना बनाना है क्योंकि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और अपनी दीर्घकालिक ओलंपिक महत्वाकांक्षाओं से पहले एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की तैयारी कर रहा है। आईटी सलाहकारों को एनएसएफ की मदद करनी होगी जिससे कि एनएसडीई ढांचे के तहत डिजिटल प्रणाली को आसानी से लागू किया जा सके। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, आईटी पेशेवरों को भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के आईटी सेल ने ट्रेनिंग दी है और वे काम करने के लिए तैयार हैं। वे खास तौर पर उन छोटे महासंघ के लिए उपयोगी हैं जिनके पास खुद से यह अपग्रेड करने के लिए संसाधन नहीं हैं। सलाहकारों से उम्मीद की जाती है कि वे महासंघ को सालाना कैलेंडर और प्रस्ताव बनाने, खेल प्रबंधन प्रणाली पर खिलाड]ियों और अधिकारियों के नामांकन, सालाना नवीनीकरण जमा करने और डिजीलॉकर के लिए टूर्नामेंट के नतीजे अपलोड करने जैसे क्षेत्रों में मदद करेंगे।मंत्रालय ने कहा, इस पहल से उम्मीद है कि यह प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की योजना और राष्ट्रीय शिविर के प्रबंधन में कार्यक्षमता को काफी हद तक बेहतर बनाएगी।
और यह सुनिश्चित करेगी कि खिलाड़ी का डेटा, कार्यक्रम, नामांकन और मंजूरी समय पर और एक साथ जारी हो।
उन्होंने कहा, इससे यह भी उम्मीद है कि यह संचालन समन्वय में आने वाली कमियों को कम करेगा, डेटा की गुणवत्ता को मजबूत करेगा, समयसीमा का पालन बेहतर करेगा और महासंघों को खिलाड]ियों के विकास और खेल में उत्कृष्टता पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाएगा।