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अपने बड़े अस्पतालों को अत्याधुनिक बनाने की मुहिम में जुट गया है फिलहाल दिल्ली नगर निगम

प्रकाशित: 19-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब एमसीडी के अस्पताल भी अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों से लैस होने जा रहे हैं। निगम प्रशासन ने अपने तीन प्रमुख अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत जांच सुविधाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इसे एमसीडी अस्पतालों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में स्वामी दयानंद अस्पताल (दिलशाद गार्डन), हिंदू राव अस्पताल तथा राजन बाबू टीबी अस्पताल (किंग्सवे कैंप) में अत्याधुनिक एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों के शुरू होने के बाद मरीजों को निजी अस्पतालों या महंगे डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत ही गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
आधुनिक संसाधनों से सशक्त होंगे एमसीडी अस्पताल दिल्ली नगर निगम लगातार अपने अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रहा है। एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की स्थापना से गंभीर बीमारियों की समय पर और सटीक पहचान संभव होगी, जिससे मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी और शीघ्र हो सकेगा। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं किसी भी अस्पताल की चिकित्सा क्षमता को कई गुना बढ़ा देती हैं। इनके माध्यम से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, हृदय, कैंसर, आंतरिक चोटों, नसों तथा अन्य जटिल रोगों का सटीक और शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है।
दिलशाद गार्डन के स्वामी दयानंद अस्पताल को मिलेगा बड़ा लाभ ः पूर्वी दिल्ली के लाखों नागरिकों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से राहत भरा साबित होगा। दिलशाद गार्डन स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ता जा रहा है। अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन सेवाएं शुरू होने के बाद शाहदरा, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, नंद नगरी, विवेक विहार तथा आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर और त्वरित जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह की बचत होगी तथा गंभीर मरीजों को इलाज में अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगी सबसे बड़ी राहत एमसीडी की इस पहल का सबसे अधिक लाभ आर्थिक रूप से कमजोर तथा मध्यम वर्ग के मरीजों को मिलेगा। निजी अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि नगर निगम अस्पतालों में ये सुविधाएं सरकारी दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मरीजों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर एमसीडी का विशेष फोकस दिल्ली नगर निगम पिछले कुछ वर्षों से अस्पतालों के आधुनिकीकरण, चिकित्सा उपकरणों के उन्नयन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई हाईटेक जांच सुविधाओं के जुड़ने से एमसीडी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा लोगों का सरकारी अस्पतालों पर विश्वास भी बढ़ेगा।
अधिकांश एमसीडी अस्पतालों को बनाया जाएगा हाईटेक संबंधित विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में दिल्ली नगर निगम के अधीन अधिकतर अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि राजधानी के प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बीमारी के सफल उपचार की पहली शर्त समय पर और सटीक जांच होती है। ऐसे में एमसीडी अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी सुविधाओं का विस्तार दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देगा। यदि इसी गति से अस्पतालों का आधुनिकीकरण जारी रहा तो आने वाले वर्षों में दिल्ली नगर निगम के अस्पताल राजधानी के प्रमुख आधुनिक चिकित्सा संस्थानों के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेंगे।