मान सरकार ने संपत्ति पंजीकरण की भाषा आम लोगों के लिए और सरल बनाने का लिया फैसला
प्रकाशित: 20-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। पंजाब सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि और संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान पंजीकरण में प्रयुक्त भाषा को अधिक सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राजस्व विभाग में लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे 35 कठिन शब्दों के स्थान पर ऐसे सरल पंजाबी शब्दों के प्रयोग का निर्णय लिया है, जिन्हें आम नागरिक आसानी से समझ सकें। पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में प्रयुक्त कठिन भाषा के कारण आम लोगों को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पुराने कठिन शब्दों के स्थान पर सरल और सहज पंजाबी शब्दों के प्रयोग का फैसला किया है। राजस्व मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के निर्देशों के बाद राजस्व एवं पुनर्वास विभाग द्वारा एक विशेष कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में प्रयुक्त 35 कठिन शब्दों के स्थान पर 35 सरल पंजाबी शब्दों को अपनाने का निर्णय लिया गया है। स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह निर्णय पंजाब सरकार की जनहितैषी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी कामकाज में प्रयुक्त भाषा को आम नागरिकों की समझ के अनुरूप बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को अपनी भूमि या संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों को समझने में अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। राजस्व मंत्री ने बताया कि महानिरीक्षक पंजीकरण तथा राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर पुराने और नए अनुशंसित शब्दों की सूची भेज दी गई है।
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों की सुविधा के लिए संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में नए सरल शब्दों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों की सुविधा के लिए संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में नए सरल शब्दों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।