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दिल्ली जल बोर्ड में नव नियुक्त उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने संभाला कार्यभार

प्रकाशित: 17-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में सतीश उपाध्याय ने उपाध्यक्ष, दिल्ली जल बोर्ड के रूप में तथा मनोज कुमार शोकिन, अजय कुमार महावर एवं राजेश कुमार गोयल (सदस्य, दिल्ली छावनी परिषद) ने सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला। इस कार्पाम में सुश्री बांसुरी स्वराज, माननीया सांसद (नई दिल्ली), श्री अनिल कुमार शर्मा, माननीय विधायक (आर.के पुरम), अभय वर्मा, मुख्य सचेतक (दिल्ली विधान सभा) एवं अन्य गणमान्यों विशेष उपस्थिति रही। कार्पाम में दिल्ली जल बोर्ड के च़ीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, मेंबर फाइनेंस, मेंबर एडमिन एवं अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत नव नियुक्त पदाधिकारियों ने दिल्लीवासियों को बेहतर, पारदर्शी एवं जन-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री के ‘स्वच्छ भारत', नदी संरक्षण एवं जल संरक्षण के विज़न के अनुरूप दिल्ली जल बोर्ड राजधानी में जल एवं सीवरेज अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहा है। इसी दिशा में दिल्ली सरकार द्वारा ‘यमुना जीर्णोद्धार योजना' के अंतर्गत सीवरेज उपचार क्षमता बढ़ाने तथा दिसंबर 2028 तक सभी अनाधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अवैध जल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1,000 रुपए तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 5,000 रुपए के रियायती शुल्क पर कनेक्शन नियमित किए जा रहे हैं, ये स्कीम 31 अगस्त 2026 तक लागू हैं। इस अभियान के तहत अब तक 3,107 कनेक्शनों को वैध बनाया जा चुका है। जल गुणवत्ता निगरानी को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से गुलमोहर पार्क में 24x7 रियल-टाइम जल गुणवत्ता परीक्षण हेतु अत्याधुनिक ऑनलाइन सेंसर आधारित पायलट परियोजना (ध्हत्ग्हा watाr ल्aित्ग्tब् aहत्ब्sाr) प्रारंभ की गई है, जिसके स़फल होने पर भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा। ऑनलाइन सेंसर प्रणाली जल गुणवत्ता के प्रमुख मानकों, जैसे अवशिष्ट क्लोरीन (Rाsग्dल्aत् ण्प्त्दग्हा), टर्बिडिटी (ऊल्Rग्dग्tब्), ज्प् तथा कुल घुलित ठोस पदार्थ (ऊअ) की 24x7 सतत निगरानी सुनिश्चित करती है। पारंपरिक मैनुअल सैंपलिंग पद्धतियों के विपरीत यह प्रणाली रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध कराती है, जिससे अभियंता जल गुणवत्ता में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव की तुरंत पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सकते हैं। उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली जल बोर्ड द्वारा संचालित थ्झ्एण् वेवर स्कीम, जो 15 अगस्त 2026 तक प्रभावी है, के अंतर्गत अब तक 4.6 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की गई है तथा ?637.01 करोड़ का राजस्व संग्रह किया गया है।
नागरिकों की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निवारण के उद्देश्य से दिल्ली जल बोर्ड 18 से 20 जून 2026 तक दिल्ली के 39 चिन्हित स्थलों पर आयोजित जनकल्याण शिविरों में सािढय भागीदारी करेगा। इन शिविरों के माध्यम से जलापूर्ति, सीवेज एवं जल बिलिंग से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जायेगा। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे तथा विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।
नव नियुक्त पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली जल बोर्ड में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। भ्रष्टाचार, अनियमितताओं एवं किसी भी तरह के माफियाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
माननीय उपाध्यक्ष ने कहा कि, जल्द ही एक मेगा जन सुनवाई शिविर, का आयोजन किया जायेगा, जिसमें RsंA एवं जनता से जुड़ी सभी समस्यों का शीघ्र ही समाधान किया जायेगा।
माननीय उपाध्यक्ष एवं नव नियुक्त सदस्यों ने मेंबर फाइनेंस, मेंबर एडमिन के साथ, आज एक मीटिंग भी की, जिसमें उन्होंने जल बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में चर्चा की। इसके साथ ही दिल्ली जल बोर्ड के च़ीफ इंजिनियर्स एवं उच्च अधिकारीयों के साथ भो मीटिंग की और सभी अधिकारीयों से विभाग की कार्यप्रणाली से संबंधित प्रेजेंटेशन तैयार करने एवं अगले तीन महीनों के लिए विभाग की कार्ययोजना (Rद्स्aज्) भी तैयार करने के लिए कहा गया।
माननीय उपाध्यक्ष एवं नव नियुक्त सदस्यों ने अन्य गणमान्यों एवं उपस्थित अतिथियों के साथ जल बचाने एवं उसके सदुपयोग की शपथ ली।