राज्यसभा चुनाव: सत्तापक्ष और विपक्ष के संख्याबल में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं
प्रकाशित: 23-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। राज्यसभा की 24 सीटों के लिए होने वाले चुनाव और दो सीटों के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग"बंधन (राजग) और विपक्ष के वर्तमाल संख्याबल में बहुत ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
हालांकि, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को एक या दो सीटों का फायदा हो सकता है। निर्वाचन आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो महीने में समाप्त होने के मद्देनजर उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव कराने की शुक्रवार को घोषणा की।राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम की एक-एक सीट पर होंगे। निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। अगले महीने जिन 26 सीटों के लिए चुनाव एवं उपचुनाव हो रहा है उनमें राजग के पास 18 सीटें हैं और इनमें भी 12 सीटें भाजपा की हैं। इसके अलावा चार सीटें कांग्रेस, तीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पास हैं।जिन 12 भाजपा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें गुजरात से तीन, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से दो-दो और अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और मणिपुर से एक-एक सदस्य शामिल हैं। कांग्रेस के जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हैं जो उच्च सदन में अपने गृह राज्य कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं। मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। जिन राज्यों से राज्यसभा चुनाव होने जा रहा है वहां की विधानसभाओं के संख्याबल को देखते हुए अनुमान है कि कांग्रेस को एक-या दो सीट का फायदा हो सकता है। कर्नाटक से कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश और राजस्थान से उसके एक-एक उम्मीदवार निर्वाचित हो सकते हैं।झारखंड में कांग्रेस, झामुमो और अन्य सहयोगी दलों के कुल 56 विधायक हैं और इस आधार पर उन्हें राज्यसभा की दोनों सीटें मिल सकती हैं।कांग्रेस का कहना है कि वह झामुमो से राज्यसभा की एक सीट की मांग करेगी। यदि ऐसा होता है और उसका उम्मीदवार निर्वाचित होता है तो अगले महीने उसे राज्यसभा की कुल छह सीटें हासिल हो सकती हैं। वर्तमान में राज्यसभा में कांग्रेस के कुल 29 सदस्य हैं और यदि अगले महीने उसके पांच सदस्य निर्वाचित होते हैं तो उसके कुल सदस्यों की संख्या 30 हो जाएगी।चुनावी राज्यों की विधानसभाओं के संख्या बल के आधार पर भाजपा के कुल 11 सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं और ऐसे में उसे एक सीट का नुकसान हो सकता हैं। हालांकि यदि वह झारखंड की एक सीट जीतने में सफल होती है या फिर आंध्र प्रदेश से सहयोगी तेलुगू देसम पार्टी की बदौलत उसका कोई सदस्य निर्वाचित होता है तो वह इस संभावित नुकसान से बच जाएगी।राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग"बंधन की घटक मिजो नेशनल फ्रंट भी कम संख्या बल के चलते इस बार मिजोरम में अपना उम्मीदवार जिताने में सफल नहीं हो सकेगी और ऐसे में राजग को एक और सीट का नुकसान हो सकता है।कर्नाटक से पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के भी अपनी पार्टी जनता दल (एस) की बदौलत निर्वाचित होने की संभावना नजर नहीं आती। वर्तमान में उच्च सदन में राजग के 144 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा की सदस्य संख्या 113 है। उपचुनावों की बात करें तो तमिलनाडु से सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के किसी नेता के पहली बार राज्यसभा में पहुंचने की उम्मीद है। महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से ही किसी के निर्वाचित होने की संभावना है।
हालांकि, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को एक या दो सीटों का फायदा हो सकता है। निर्वाचन आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो महीने में समाप्त होने के मद्देनजर उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव कराने की शुक्रवार को घोषणा की।राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम की एक-एक सीट पर होंगे। निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। अगले महीने जिन 26 सीटों के लिए चुनाव एवं उपचुनाव हो रहा है उनमें राजग के पास 18 सीटें हैं और इनमें भी 12 सीटें भाजपा की हैं। इसके अलावा चार सीटें कांग्रेस, तीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पास हैं।जिन 12 भाजपा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें गुजरात से तीन, कर्नाटक, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से दो-दो और अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और मणिपुर से एक-एक सदस्य शामिल हैं। कांग्रेस के जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हैं जो उच्च सदन में अपने गृह राज्य कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं। मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। जिन राज्यों से राज्यसभा चुनाव होने जा रहा है वहां की विधानसभाओं के संख्याबल को देखते हुए अनुमान है कि कांग्रेस को एक-या दो सीट का फायदा हो सकता है। कर्नाटक से कांग्रेस के तीन राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश और राजस्थान से उसके एक-एक उम्मीदवार निर्वाचित हो सकते हैं।झारखंड में कांग्रेस, झामुमो और अन्य सहयोगी दलों के कुल 56 विधायक हैं और इस आधार पर उन्हें राज्यसभा की दोनों सीटें मिल सकती हैं।कांग्रेस का कहना है कि वह झामुमो से राज्यसभा की एक सीट की मांग करेगी। यदि ऐसा होता है और उसका उम्मीदवार निर्वाचित होता है तो अगले महीने उसे राज्यसभा की कुल छह सीटें हासिल हो सकती हैं। वर्तमान में राज्यसभा में कांग्रेस के कुल 29 सदस्य हैं और यदि अगले महीने उसके पांच सदस्य निर्वाचित होते हैं तो उसके कुल सदस्यों की संख्या 30 हो जाएगी।चुनावी राज्यों की विधानसभाओं के संख्या बल के आधार पर भाजपा के कुल 11 सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं और ऐसे में उसे एक सीट का नुकसान हो सकता हैं। हालांकि यदि वह झारखंड की एक सीट जीतने में सफल होती है या फिर आंध्र प्रदेश से सहयोगी तेलुगू देसम पार्टी की बदौलत उसका कोई सदस्य निर्वाचित होता है तो वह इस संभावित नुकसान से बच जाएगी।राष्ट्रीय जनतांत्रिक ग"बंधन की घटक मिजो नेशनल फ्रंट भी कम संख्या बल के चलते इस बार मिजोरम में अपना उम्मीदवार जिताने में सफल नहीं हो सकेगी और ऐसे में राजग को एक और सीट का नुकसान हो सकता है।कर्नाटक से पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के भी अपनी पार्टी जनता दल (एस) की बदौलत निर्वाचित होने की संभावना नजर नहीं आती। वर्तमान में उच्च सदन में राजग के 144 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा की सदस्य संख्या 113 है। उपचुनावों की बात करें तो तमिलनाडु से सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के किसी नेता के पहली बार राज्यसभा में पहुंचने की उम्मीद है। महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से ही किसी के निर्वाचित होने की संभावना है।