कॉकरोच जनता पार्टी: व्यंग्य के जरिए युवाओं का नया स्वर
प्रकाशित: 22-05-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
आदित्य नरेन्द्र
पंद्रह मई दो हजार छब्बीस को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक बयान ने युवाओं में गुस्सा भड़का दिया। उन्होंने बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच की संज्ञा दी जो व्यवस्था पर हमला करते हैं। अगले दिन सोलह मई को बोस्टन विश्वविद्यालय के तीस वर्षीय छात्र अभिजीत दीपके ने इस बयान को व्यंग्य में बदलते हुए कॉकरोच जनता पार्टी की घोषणा कर दी। यह व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन आलसी और बेरोजगारों की आवाज बनकर उभरा है।
अभिजीत दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी की सामाजिक मीडिया टीम से जुड़े रहे, इस पार्टी के संस्थापक और नेता हैं। पार्टी अभी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं है, लेकिन कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं को आकर्षित कर लिया। वेबसाइट कॉकरोच जनता पार्टी.ऑर्ग पर सदस्यता मुफ्त है और अब तक तीन लाख पचास हजार से अधिक लोग इसमें शामिल हो चुके हैं।
सदस्यता की शर्तें (व्यंग्यात्मक)
बेरोजगार (मजबूरी, चुनाव या सिद्धांत से)
आलसी (शारीरिक रूप से)
लगातार ऑनलाइन (रोजाना कम से कम ग्यारह घंटे)
पेशेवर रूप से तीखी आलोचना करने वाला
धर्म, जाति या लिंग की कोई जांच नहीं। न कोई शुल्क, न सेल्फी, न मिस्ड कॉल।
पांच सूत्री घोषणा पत्र
1. कोई मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा सीट नहीं पाएगा।
2. वोट मिटने पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर कड़ी कार्रवाई।
3. महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण और मंत्रिमंडल में पचास प्रतिशत पद।
4. कुछ बड़े उद्योगपतियों के मीडिया घरानों की जांच और गोदी मीडिया की पड़ताल।
5. दल बदलने वाले सांसद या विधायक बीस वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
पार्टी युवा अधिकार, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और स्थापित व्यवस्था के विरोध पर जोर देती है। इसका नारा है: युवा द्वारा युवा, युवा के लिए धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी।
सोशल मीडिया पर तूफान और नया खाता
लॉन्च के कुछ दिनों में इंस्टाग्राम पर मुख्य खाता एक करोड़ पंद्रह लाख अनुयायियों को पार कर गया, जो सत्ताधारी पार्टी के खाते से अधिक है। यह कांग्रेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा राजनीतिक खाता बन गया। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर मुख्य खाता भारत में कानूनी मांग पर रोक दिया गया। अनुयायियों की तेज वृद्धि के बाद यह हुआ। समर्थकों ने बैकअप खाते शुरू कर दिए और कहा कि रोकोगे तो और बढ़ेंगे। इंस्टाग्राम पर पार्टी सािढय है। ऑफलाइन भी कॉकरोच वेश में सफाई अभियान और प्रदर्शन हो रहे हैं। महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, प्रशांत भूषण, ध्रुव राठी और सबीर भाटिया जैसे लोग इसका समर्थन कर चुके हैं। बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने की चर्चा है। यह आंदोलन परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी (स्नातकों में लगभग नौ प्रतिशत), शिक्षा घोटाले और युवा निराशा को मुख्यधारा में लाया है। व्यंग्य के जरिए गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ रहा है।
पंद्रह मई दो हजार छब्बीस को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक बयान ने युवाओं में गुस्सा भड़का दिया। उन्होंने बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच की संज्ञा दी जो व्यवस्था पर हमला करते हैं। अगले दिन सोलह मई को बोस्टन विश्वविद्यालय के तीस वर्षीय छात्र अभिजीत दीपके ने इस बयान को व्यंग्य में बदलते हुए कॉकरोच जनता पार्टी की घोषणा कर दी। यह व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन आलसी और बेरोजगारों की आवाज बनकर उभरा है।
अभिजीत दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी की सामाजिक मीडिया टीम से जुड़े रहे, इस पार्टी के संस्थापक और नेता हैं। पार्टी अभी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं है, लेकिन कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं को आकर्षित कर लिया। वेबसाइट कॉकरोच जनता पार्टी.ऑर्ग पर सदस्यता मुफ्त है और अब तक तीन लाख पचास हजार से अधिक लोग इसमें शामिल हो चुके हैं।
सदस्यता की शर्तें (व्यंग्यात्मक)
बेरोजगार (मजबूरी, चुनाव या सिद्धांत से)
आलसी (शारीरिक रूप से)
लगातार ऑनलाइन (रोजाना कम से कम ग्यारह घंटे)
पेशेवर रूप से तीखी आलोचना करने वाला
धर्म, जाति या लिंग की कोई जांच नहीं। न कोई शुल्क, न सेल्फी, न मिस्ड कॉल।
पांच सूत्री घोषणा पत्र
1. कोई मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा सीट नहीं पाएगा।
2. वोट मिटने पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर कड़ी कार्रवाई।
3. महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण और मंत्रिमंडल में पचास प्रतिशत पद।
4. कुछ बड़े उद्योगपतियों के मीडिया घरानों की जांच और गोदी मीडिया की पड़ताल।
5. दल बदलने वाले सांसद या विधायक बीस वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
पार्टी युवा अधिकार, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और स्थापित व्यवस्था के विरोध पर जोर देती है। इसका नारा है: युवा द्वारा युवा, युवा के लिए धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी।
सोशल मीडिया पर तूफान और नया खाता
लॉन्च के कुछ दिनों में इंस्टाग्राम पर मुख्य खाता एक करोड़ पंद्रह लाख अनुयायियों को पार कर गया, जो सत्ताधारी पार्टी के खाते से अधिक है। यह कांग्रेस के बाद दूसरा सबसे बड़ा राजनीतिक खाता बन गया। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर मुख्य खाता भारत में कानूनी मांग पर रोक दिया गया। अनुयायियों की तेज वृद्धि के बाद यह हुआ। समर्थकों ने बैकअप खाते शुरू कर दिए और कहा कि रोकोगे तो और बढ़ेंगे। इंस्टाग्राम पर पार्टी सािढय है। ऑफलाइन भी कॉकरोच वेश में सफाई अभियान और प्रदर्शन हो रहे हैं। महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, प्रशांत भूषण, ध्रुव राठी और सबीर भाटिया जैसे लोग इसका समर्थन कर चुके हैं। बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने की चर्चा है। यह आंदोलन परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी (स्नातकों में लगभग नौ प्रतिशत), शिक्षा घोटाले और युवा निराशा को मुख्यधारा में लाया है। व्यंग्य के जरिए गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ रहा है।