पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड ढेर
प्रकाशित: 22-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। पाकिस्तान की धरती पर भारत के दुश्मनों का काल बनकर मंडरा रहे अज्ञात हमलावरों ने एक और बड़े आतंकी को जहन्नुम पहुंचा दिया है। गुरुवार को खबर आई कि पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है।
पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। मोटरसाइकिल पर आने वाले इन अज्ञात हमलावरों ने अब तक लश्कर, जैश और हिजबुल के कई टॉप कमांडरों को मौत के घाट उतार दिया है। इन रहस्यमय हत्याओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और वहां पनाह लिए बैठे आतंकियों के आकाओं की नींद उड़ा दी है। कोई नहीं जानता कि इन आतंकियों की जान लेने वाले ये अज्ञात लोग आखिर कौन हैं। भारत सरकार की तरफ से साल 2022 में आतंकी घोषित किया गया हमजा बुरहान अब इस दुनिया में नहीं है। उसे मुजफ्फरराबाद में अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था और वह खतरनाक आतंकी संगठन अल बदर से जुड़ा हुआ था। साल 2019 में पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले की साजिश में उसका बड़ा हाथ था, जिसमें भारत के 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इस हमले के बाद से ही वह भारत का बड़ा दुश्मन बना हुआ था, लेकिन पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे गोलियां मारकर हमेशा के लिए खामोश कर दिया। पाकिस्तान के लाहौर शहर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल अमीर हमजा को भी इसी साल अप्रैल में निशाना बनाया गया था। बाइक पर सवार होकर आए अज्ञात हमलावरों ने अमीर हमजा पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अमीर हमजा भारत के खिलाफ लंबे समय से जहर उगलने और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहा था। जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की भी पिछले महीने पाकिस्तान में रहस्यमयी हालात में मौत हो गई। वह जैश के सभी बड़े ऑपरेशन्स को संभालता था। वहीं, पिछले साल मार्च में 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेहद करीबी अबू कतल उर्फ कतल सिंधी को झेलम सिंध में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया। कतल सिंधी साल 2024 में जम्मू-कश्मीर के रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले का मुख्य आरोपी था। इसके अलावा कराची में हाफिज सईद के एक और खास मुफ्ती कैसर फारूक को भी अज्ञात हमलावरों ने मदरसा के पास पीठ में गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। साल 2016 में भारत के पठानकोट एयरबेस पर हुए बड़े आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता शाहिद लतीफ को सियालकोट की एक मस्जिद में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियां मार दी थीं। 54 साल का शाहिद लतीफ भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था और लंबे समय से पाकिस्तान में बैठकर कश्मीरी युवाओं को भड़काने का काम कर रहा था। इसी तरह लश्कर का एक और खतरनाक भर्ती कमांडर अकरम खान गाजी भी नवंबर 2023 में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों की गोलियों का शिकार बन गया। गाजी भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए नए लड़कों का ब्रेनवॉश करता था। लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद की लाश एलओसी के पास नीलम घाटी में बेहद डरावनी हालत में मिली थी। अज्ञात हमलावरों ने पहले उसका अपहरण किया, फिर उसे बुरी तरह टॉर्चर करने के बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
इससे पहले साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान को हाईजैक करने वाले मुख्य आतंकियों में शामिल मिस्त्राr जहूर इब्राहिम को कराची में मौत के घाट उतारा गया था। वह जाहिद अखुंद नाम से फर्जी पहचान छिपाकर रह रहा था, लेकिन अज्ञात हमलावरों ने उसके सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से दो गोलियां मारकर उसका काम तमाम कर दिया था।
नई दिल्ली। पाकिस्तान की धरती पर भारत के दुश्मनों का काल बनकर मंडरा रहे अज्ञात हमलावरों ने एक और बड़े आतंकी को जहन्नुम पहुंचा दिया है। गुरुवार को खबर आई कि पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है।
पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। मोटरसाइकिल पर आने वाले इन अज्ञात हमलावरों ने अब तक लश्कर, जैश और हिजबुल के कई टॉप कमांडरों को मौत के घाट उतार दिया है। इन रहस्यमय हत्याओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और वहां पनाह लिए बैठे आतंकियों के आकाओं की नींद उड़ा दी है। कोई नहीं जानता कि इन आतंकियों की जान लेने वाले ये अज्ञात लोग आखिर कौन हैं। भारत सरकार की तरफ से साल 2022 में आतंकी घोषित किया गया हमजा बुरहान अब इस दुनिया में नहीं है। उसे मुजफ्फरराबाद में अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था और वह खतरनाक आतंकी संगठन अल बदर से जुड़ा हुआ था। साल 2019 में पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले की साजिश में उसका बड़ा हाथ था, जिसमें भारत के 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इस हमले के बाद से ही वह भारत का बड़ा दुश्मन बना हुआ था, लेकिन पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे गोलियां मारकर हमेशा के लिए खामोश कर दिया। पाकिस्तान के लाहौर शहर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल अमीर हमजा को भी इसी साल अप्रैल में निशाना बनाया गया था। बाइक पर सवार होकर आए अज्ञात हमलावरों ने अमीर हमजा पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अमीर हमजा भारत के खिलाफ लंबे समय से जहर उगलने और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहा था। जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की भी पिछले महीने पाकिस्तान में रहस्यमयी हालात में मौत हो गई। वह जैश के सभी बड़े ऑपरेशन्स को संभालता था। वहीं, पिछले साल मार्च में 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेहद करीबी अबू कतल उर्फ कतल सिंधी को झेलम सिंध में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया। कतल सिंधी साल 2024 में जम्मू-कश्मीर के रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले का मुख्य आरोपी था। इसके अलावा कराची में हाफिज सईद के एक और खास मुफ्ती कैसर फारूक को भी अज्ञात हमलावरों ने मदरसा के पास पीठ में गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। साल 2016 में भारत के पठानकोट एयरबेस पर हुए बड़े आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता शाहिद लतीफ को सियालकोट की एक मस्जिद में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियां मार दी थीं। 54 साल का शाहिद लतीफ भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था और लंबे समय से पाकिस्तान में बैठकर कश्मीरी युवाओं को भड़काने का काम कर रहा था। इसी तरह लश्कर का एक और खतरनाक भर्ती कमांडर अकरम खान गाजी भी नवंबर 2023 में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों की गोलियों का शिकार बन गया। गाजी भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए नए लड़कों का ब्रेनवॉश करता था। लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद की लाश एलओसी के पास नीलम घाटी में बेहद डरावनी हालत में मिली थी। अज्ञात हमलावरों ने पहले उसका अपहरण किया, फिर उसे बुरी तरह टॉर्चर करने के बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
इससे पहले साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के आईसी-814 विमान को हाईजैक करने वाले मुख्य आतंकियों में शामिल मिस्त्राr जहूर इब्राहिम को कराची में मौत के घाट उतारा गया था। वह जाहिद अखुंद नाम से फर्जी पहचान छिपाकर रह रहा था, लेकिन अज्ञात हमलावरों ने उसके सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से दो गोलियां मारकर उसका काम तमाम कर दिया था।