कॉजपा के प्रदर्शन, मानसून सत्र के चलते मध्य दिल्ली में यातायात प्रभावित, घंटों जाम में फंसे लोग
प्रकाशित: 21-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन और संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के बीच सोमवार को मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात बहुत धीमा रहा। कुछ ही किलोमीटर का सफर तय करने में लोग घंटों तक फंसे रहे।
यह स्थिति उस समय बनी, जब हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्ग के पास एकत्र हुए और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें सुरक्षाकर्मियों के ला"ाrचार्ज का भी सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली और इसके आसपास की कई सड़कों पर भारी यातायात जाम देखने को मिला। इससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा और गाड]ियां धीमी गति से चलीं।
सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कारण भी नई दिल्ली क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ने और यातायात प्रतिबंध लागू किए जाने से सड़कों पर दबाव और बढ़ गया।
एक यात्री ने बताया, कृष्ण मेनन मार्ग से संसद मार्ग की ओर जाते समय मैं कम से कम तीन घंटे तक जाम में फंसा रहा। आमतौर पर इस रास्ते को तय करने में मुश्किल से 10 मिनट लगते हैं।
एक अन्य यात्री ने कहा कि सड़कों पर पूरी तरह अव्यवस्था की स्थिति रही, क्योंकि कई रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए थे और कार्यालय जाने वाले लोग परेशान रहे।
नीति आयोग भवन में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा, इस इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती आम बात नहीं है। मुझे कार्यालय पहुंचने के लिए सड़क के गलत दिशा वाले हिस्से से होकर जाना पड़ा। मैं कम से कम डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचा। दिल्ली यातायात पुलिस ने पहले ही एक परामर्श जारी कर यात्रियों से अपील की थी कि वे जहां तक संभव हो, इस इलाके की कई सड़कों और चौराहों से बचें। रफी मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, मौलाना आजाद रोड, के. कामराज मार्ग, रायसीना रोड, राजेंद्र प्रसाद रोड, संसद मार्ग, अशोक रोड, तालकटोरा रोड, पंडित पंत मार्ग, रकाबगंज गुरुद्वारा रोड, विकास मार्ग, दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मार्ग और मिंटो रोड समेत कई सड़कों का इस्तेमाल करने से यात्रियों को बचने की सलाह दी गई थी। परामर्श में कुछ और सड़कों के भी नाम थे।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन और संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के बीच सोमवार को मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात बहुत धीमा रहा। कुछ ही किलोमीटर का सफर तय करने में लोग घंटों तक फंसे रहे।
यह स्थिति उस समय बनी, जब हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्ग के पास एकत्र हुए और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें सुरक्षाकर्मियों के ला"ाrचार्ज का भी सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली और इसके आसपास की कई सड़कों पर भारी यातायात जाम देखने को मिला। इससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा और गाड]ियां धीमी गति से चलीं।
सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कारण भी नई दिल्ली क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ने और यातायात प्रतिबंध लागू किए जाने से सड़कों पर दबाव और बढ़ गया।
एक यात्री ने बताया, कृष्ण मेनन मार्ग से संसद मार्ग की ओर जाते समय मैं कम से कम तीन घंटे तक जाम में फंसा रहा। आमतौर पर इस रास्ते को तय करने में मुश्किल से 10 मिनट लगते हैं।
एक अन्य यात्री ने कहा कि सड़कों पर पूरी तरह अव्यवस्था की स्थिति रही, क्योंकि कई रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए थे और कार्यालय जाने वाले लोग परेशान रहे।
नीति आयोग भवन में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा, इस इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती आम बात नहीं है। मुझे कार्यालय पहुंचने के लिए सड़क के गलत दिशा वाले हिस्से से होकर जाना पड़ा। मैं कम से कम डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचा। दिल्ली यातायात पुलिस ने पहले ही एक परामर्श जारी कर यात्रियों से अपील की थी कि वे जहां तक संभव हो, इस इलाके की कई सड़कों और चौराहों से बचें। रफी मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, मौलाना आजाद रोड, के. कामराज मार्ग, रायसीना रोड, राजेंद्र प्रसाद रोड, संसद मार्ग, अशोक रोड, तालकटोरा रोड, पंडित पंत मार्ग, रकाबगंज गुरुद्वारा रोड, विकास मार्ग, दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मार्ग और मिंटो रोड समेत कई सड़कों का इस्तेमाल करने से यात्रियों को बचने की सलाह दी गई थी। परामर्श में कुछ और सड़कों के भी नाम थे।