बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दर्दनाक सड़क हादसे में चार की मौत
प्रकाशित: 15-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बांदा,(वीअ)। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में स्कार्पियो तथा गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से हुई जोरदार भिड़ंत के दौरान जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। वहीं मरने वालों में मां बेटा भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेने के बाद पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं घटना की जानकारी होते ही डीएम अमित आसेर, एसपी पलाश बंसल भी मौके पर पहुंच गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जिले के थाना जीयनपुर क्षेत्र के रामगढ़ निवासी अजीत कुमार विश्वकर्मा उम्र 38 पुत्र रामविनय विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ महोबा जिले के कबरई कस्बा के किदवई नगर में रहता था। यहां पर वह ाsढशर पार्ट तथा डंपर बनाने का काम करता था। गुरुवार की सुबह अजीत अपनी 50 वर्षीय मां प्रेमशिला पत्नी रामबिनय,चाची निशा उम्र 40 वर्ष पत्नी दिलीप, चचेरी बहन रिया उम्र 16 वर्ष पुत्री दिलीप, दादी चंद्रावती उम्र 70 वर्ष पत्नी बटोही के साथ अपने पैतृक गांव गया था। बुधवार की रात वह स्कार्पियो से कबरई जाने के लिए रवाना हुआ। जैसे ही स्कॉर्पियो बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के चैनेज नबंर 47,8 देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव के पास पहुंची। तभी अचानक अजीत को झपकी लग गई। इसी बीच स्कार्पियो आनियंत्रित होकर खाली सिलेडर लादकर कानपुर जा रहे डीसीएम के पीछे घुस गई। जिससे स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए। स्कार्पियो में सवार सभी लोग फस गए। सूचना पर तत्काल कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना पाकर डीएम अमित आसेरी,एसपी पलाश बंसल,एसडीएम सदर नमन मेहता,सीओ सदर सौरभ सिंह भी पहुंच गए। कटर मशीन से स्कार्पियो की बाड़ी काट कर फंसे लोगो को बाहर निकाला गया। उन्हे तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल जे जाया गया। जहां डाक्टरो ने अजीत,प्रेमशिला,निशा, चंद्रावती को मृत घोषित कर दिया। वहीं रिया की हालत नाजुक होने के कारण डाक्टरो ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। पंचनामे के पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जिले के थाना जीयनपुर क्षेत्र के रामगढ़ निवासी अजीत कुमार विश्वकर्मा उम्र 38 पुत्र रामविनय विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ महोबा जिले के कबरई कस्बा के किदवई नगर में रहता था। यहां पर वह ाsढशर पार्ट तथा डंपर बनाने का काम करता था। गुरुवार की सुबह अजीत अपनी 50 वर्षीय मां प्रेमशिला पत्नी रामबिनय,चाची निशा उम्र 40 वर्ष पत्नी दिलीप, चचेरी बहन रिया उम्र 16 वर्ष पुत्री दिलीप, दादी चंद्रावती उम्र 70 वर्ष पत्नी बटोही के साथ अपने पैतृक गांव गया था। बुधवार की रात वह स्कार्पियो से कबरई जाने के लिए रवाना हुआ। जैसे ही स्कॉर्पियो बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के चैनेज नबंर 47,8 देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव के पास पहुंची। तभी अचानक अजीत को झपकी लग गई। इसी बीच स्कार्पियो आनियंत्रित होकर खाली सिलेडर लादकर कानपुर जा रहे डीसीएम के पीछे घुस गई। जिससे स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए। स्कार्पियो में सवार सभी लोग फस गए। सूचना पर तत्काल कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना पाकर डीएम अमित आसेरी,एसपी पलाश बंसल,एसडीएम सदर नमन मेहता,सीओ सदर सौरभ सिंह भी पहुंच गए। कटर मशीन से स्कार्पियो की बाड़ी काट कर फंसे लोगो को बाहर निकाला गया। उन्हे तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल जे जाया गया। जहां डाक्टरो ने अजीत,प्रेमशिला,निशा, चंद्रावती को मृत घोषित कर दिया। वहीं रिया की हालत नाजुक होने के कारण डाक्टरो ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। पंचनामे के पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।