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रिश्तों में छल का खतरनाक चेहरा: सिया-केतन केस

प्रकाशित: 26-06-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
रिश्तों में छल का खतरनाक चेहरा: सिया-केतन केस
आदित्य नरेन्द्र
पुणे के लोहागड़ किले पर 18 जून 2026 को हुई घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। 26 वर्षीय व्यवसायी केतन अग्रवाल, जो एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट परिवार के वारिस थे, अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ अपनी जन्मदिन की खुशी मनाने गए थे। शुरू में इसे ट्रेकिंग के दौरान फिसलकर गिरने का हादसा बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में यह ठंडे दिमाग से की गई साजिश साबित हुई। सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने केतन को किनारे पर फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर खाई में धकेल दिया।
पुलिस के अनुसार, यह साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। सिया ने बाली की प्री-वेडिंग ट्रिप रद्द कराने के लिए केतन का पासपोर्ट छिपा लिया था। लोहागड़ पर पहले भी 14 जून को प्रयास हुआ था, जहां सिया ने केतन को धक्का दिया और फिर ‘सांप' का बहाना बनाकर गले लगाया। केतन उस बार बच गए, लेकिन अंतिम हमले में सफलता मिल गई। चेतन अलग से वहां पहुंचा था। फोन रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी और गवाहों के बयानों ने सच्चाई उजागर की। दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं और कबूलनामा दे चुके हैं।
केतन के परिवार में सदमा गहरा है। मां राखी विशाल अग्रवाल ने सिया को बेटी मान लिया था, लेकिन अब न्याय की मांग कर रही हैं। पिता विशाल अग्रवाल ने पूछा कि अगर शादी नहीं करनी थी तो इनकार क्यों नहीं किया? दादाजी ने सिया के परिवार पर आरोप लगाया कि वे रिश्ते से पहले की जानकारी छिपा रहे थे। परिवार ने शादी की भव्य तैयारी की थी, जयपुर पैलेस बुक किया था। यह मामला चिंताजनक है क्योंकि यह विश्वासघात की नई गहराई दिखाता है। आधुनिक रिश्तों में परिवारों द्वारा तय की गई शादियां अब भी आम हैं, लेकिन व्यक्तिगत इच्छाओं और गुप्त संबंधों का टकराव हिंसा में बदल रहा है। युवा पीढ़ी में भावनात्मक परिपक्वता की कमी, सामाजिक दबाव और कानूनी प्राक्रियाओं का दुरुपयोग इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। समान उदाहरण यह पहला मामला नहीं है। 2025 में सोनम रघुवंशी मामले ने देश को झकझोरा था। इंदौर के राजा रघुवंशी की मेहगालय हनीमून पर हत्या हुई। पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने प्रेमी और किराए के हत्यारों की मदद से पति की हत्या कराई। लाश गॉर्ज में फेंकी गई। सोनम ने शुरुआत में गुमशुदगी का नाटक किया। श्रद्धा वालकर हत्याकांड (2022) में आशिक आफताब पूनावाला ने लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव के टुकड़े किए। दिल्ली पुलिस ने इसे प्रेम संबंधों में विश्वासघात का उदाहरण बताया। इसी तरह, 2025 में मुस्कान रस्तोगी और प्रेमी पर नौसेना अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या और शव विखंडन का आरोप लगा। बेंगलुरु में अतुल सुबाष आत्महत्या मामले में पत्नी और परिवार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा। चिंता का विषय ये घटनाएं समाज के लिए खतरे की घंटी हैं। युवाओं में ‘नो' कहने की हिम्मत की कमी, परिवारों का दबाव और सोशल मीडिया पर झूठी इमेज बनाना रिश्तों को जहरीला बना रहा है। महिलाएं आरोपी बन रही हैं, जो लिंग-तटस्थ कानून की जरूरत पर जोर देता है। लेकिन पुरुषों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केतन जैसे युवा, जो व्यवसाय संभाल रहे थे, ऐसे विश्वासघात का शिकार हो रहे हैं। पुलिस को तेज जांच, डिजिटल सबूतों (फोन, लोकेशन) पर भरोसा और परिवारों को शादी से पहले पूरी जांच करनी चाहिए। सिया गोयल-केतन अग्रवाल मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे की हत्या है। इसमें कई असफल प्रयास, बहाने और साजिश दिखती है। सोनम, श्रद्धा जैसे मामलों की तरह यह भी हमें याद दिलाता है कि रिश्तों में पारदर्शिता और सम्मान जरूरी है। न्याय मिलना चाहिए, लेकिन समाज को भी बदलना होगा। युवा पीढ़ी को भावनात्मक शिक्षा, परिवारों को सतर्कता और कानून को निष्पक्षता की जरूरत है।