ब्रिटेन के साथ एफटीए के आर्थिक लाभ असीमित : गोयल
प्रकाशित: 26-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लंदन, (भाषा)। भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अब तक का सबसे व्यापक अनुबंध है और इससे मिलने वाले आर्थिक लाभ असीमित हो सकते हैं। भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह बात कही।
मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे, जहां वह भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
इस समझौते को 15 जुलाई से लागू करने का प्रस्ताव है। इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) ब्रिटेन-भारत वीक कार्यक्रम में गोयल ने दोनों देशों के उद्योगों से इस अवसर का पूरा लाभ उ"ाने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ब्रिटेन के साथ भारत का यह मुक्त व्यापार समझौता अब तक का पहला सबसे व्यापक करार होगा। मंत्री ने कहा, यह दो ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी है जो एक-दूसरे की पूरक हैं और तेज़ी से बढ़ रही हैं। हम एक-दूसरे को समझते हैं, हमारी सोच में काफ़ी समानताएं हैं। अगर हमारे कारोबार सीईटीए के फ़ायदों का लाभ उ"ाते हैं, तो तरक्की की कोई सीमा नहीं होगी।
मंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन के अपने समकक्ष, व्यापार मंत्री पीटर काइल के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बै"क करेंगे, जिसमें नियमों को सरल बनाने और सीमा शुल्क प्रक्रिया को सुगम बनाने पर चर्चा होगी। काइल ने एक सप्ताह पहले आईजीएफ ब्रिटेन-भारत को संबोधित करते हुए कहा था, भारत के साथ हमने जो समझौता अभी पूरा किया है, ज़रा उन रुकावटों पर नज़र डालिए जिन्हें हटाया गया है। इसमें सिर्फ़ शुल्क से जुड़ी रुकावटें ही नहीं, बल्कि गैर-शुल्क बांधाएं, व्यापार को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल आदि भी शामिल हैं।
मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे, जहां वह भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
इस समझौते को 15 जुलाई से लागू करने का प्रस्ताव है। इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) ब्रिटेन-भारत वीक कार्यक्रम में गोयल ने दोनों देशों के उद्योगों से इस अवसर का पूरा लाभ उ"ाने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ब्रिटेन के साथ भारत का यह मुक्त व्यापार समझौता अब तक का पहला सबसे व्यापक करार होगा। मंत्री ने कहा, यह दो ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी है जो एक-दूसरे की पूरक हैं और तेज़ी से बढ़ रही हैं। हम एक-दूसरे को समझते हैं, हमारी सोच में काफ़ी समानताएं हैं। अगर हमारे कारोबार सीईटीए के फ़ायदों का लाभ उ"ाते हैं, तो तरक्की की कोई सीमा नहीं होगी।
मंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन के अपने समकक्ष, व्यापार मंत्री पीटर काइल के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बै"क करेंगे, जिसमें नियमों को सरल बनाने और सीमा शुल्क प्रक्रिया को सुगम बनाने पर चर्चा होगी। काइल ने एक सप्ताह पहले आईजीएफ ब्रिटेन-भारत को संबोधित करते हुए कहा था, भारत के साथ हमने जो समझौता अभी पूरा किया है, ज़रा उन रुकावटों पर नज़र डालिए जिन्हें हटाया गया है। इसमें सिर्फ़ शुल्क से जुड़ी रुकावटें ही नहीं, बल्कि गैर-शुल्क बांधाएं, व्यापार को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल आदि भी शामिल हैं।