वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) का हुआ गठन, अधिसूचना जारी

प्रकाशित: 12-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री) हरियाणा की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में आज राज्य में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ हरियाणा ने आतंकवाद और उससे जुड़े संगठित नेटवर्क के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति को और प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।
'मुख्यमंत्री की स्पष्ट प्राथमिकताः सुरक्षा से कोई समझौता नहीं' पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि राज्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं की जा सकती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एटीएस के गठन से हरियाणा की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
डीजीपी ने जताया आभार, बताया दूरदर्शी कदम पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने इस अवसर पर कहा कि एटीएस का गठन हरियाणा पुलिस के लिए एक निर्णायक और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, विशेष प्रशिक्षण, मजबूत खुफिया तंत्र और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यह दस्ता आतंकवाद, कट्टरपंथ और संगठित आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करेगा। डीजीपी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन और समर्थन से हरियाणा पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा के मानकों के अनुरूप एक सशक्त एवं पेशेवर एटीएस तैयार करेगी, जो प्रदेश को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
एटीएस का उद्देश्य एटीएस का कार्य आतंकी घटनाओं पर प्रतिािढया, आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच और मुकद्मा चलाना, खुफिया जानकारी इक्टठा् करना, प्रोसेस करना और शेयर करना, इंटर एजेंसी ऑपरेशनल कोर्डिनेशन, आतंकवाद से संबंधित डेटाबेस को बनाए रखना, संबंधित डेटा का रिसर्च और एनालिसिस और स्किल अपग्रेडेशन के लिए ट्रेनिंग आदि देना होगा।
अधिसूचना हुई जारी, सुरक्षा ढांचे को नई मजबूतीः पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल द्वारा यह प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया था,जिसकी अधिसूचना जारी होते ही राज्य की सुरक्षा संरचना को नई मजबूती प्राप्त हुई है। एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा यह सीआईडी के कमांड एवं नियंत्रण में कार्य करेगी। इसकी संरचना आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय बनाई गई है। इसमें एनएसजी की तर्ज पर एक अत्यंत प्रशिक्षित विशेष कमांडो बल शामिल होगा, जो त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील अभियानों को अंजाम देगा। खुफिया एवं संचालन शाखा आतंकवादी संगठनों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी के लिए उत्तरदायी होगी।
आतंकवाद और उससे संबंधित अपराधों की विशेष जांच के लिए एक समर्पित एटीएस पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसमें कानूनी, वित्तीय जांच तथा फॉरेंसिक इकाइयां कार्य करेंगी। तकनीकी सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु साइबर एवं टेक्निकल इंटेलिजेंस यूनिट ओपन सोर्स इंटेलिजेंस, डार्क वेब और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की निगरानी करेगी, जबकि डेटा एनालिसिस एवं इंटरसेप्शन यूनिट आधुनिक विश्लेषण प्रणालियों के माध्यम से सूचनाओं का संग्रह और मूल्यांकन करेगी। युवाओं को कट्टरपंथी विचारधाराओं से दूर रखने के लिए डि-रेडिकलाइजेशन यूनिट समाज में जागरूकता और पुनर्वास कार्पाम चलाएगी। साथ ही प्रशिक्षण एवं अनुसंधान विंग समय-समय पर कौशल उन्नयन, रिफ्रेशर कोर्स तथा मानक संचालन प्रािढयाओं (एसओपी) के विकास का कार्य करेगा।