युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल
प्रकाशित: 31-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भोपाल (ब्यूरो प्रमुख )। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि युवा हमारे देश की आशा और सामर्थ्य हैं। उनके विचार और चरित्र ही देश का भविष्य तय करेंगे। जरूरी है कि हमारे युवा जो भी कार्य करें उसमें उत्कृष्टता और संवेदना पर विशेष बल दें। उन्होंने कहा कि जीवन में संवेदना का भाव ही सबसे महत्वपूर्ण है। ममता और करुणा का मोल पैसों से कहीं ज्यादा है। इसलिए भावी जीवन में सफलता की ऊंचाईयों पर चढ़ते कभी भी उन लोगों को नहीं भूलें जिन्होंने आपका सहयोग किया है।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन में हर पहलु के दो पक्ष होते हैं। सफलता सही दिशा में सही प्रयासों में है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले की नहीं होती है। समाज के अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से योगदान होता है। उन्होंने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जीवन में कभी भी कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे माता-पिता को कष्ट हो। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। निष्ठावान प्रयास ही सबसे महत्वपूर्ण है। ग्लोरी आयोजन केवल नौकरी प्राप्त करने का उत्सव नहीं है। जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों की शुरुआत का भी प्रसंग है। प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व है कि भावी जीवन में अपने ज्ञान और प्रतिभा के उपयोग से गरीब और वंचित लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के समाज के प्रयासों में योगदान दे। आपकी मेहनत और ईमानदारी से ही आपकी व्यक्तिगत, संस्था की और देश की खुशहाली और उन्नति होगी। देशभक्ति का सबसे प्रभावी तरीका सेवा भाव और समर्पण के साथ अपने कार्यों और कर्तव्यों को करना है।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन में हर पहलु के दो पक्ष होते हैं। सफलता सही दिशा में सही प्रयासों में है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले की नहीं होती है। समाज के अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से योगदान होता है। उन्होंने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जीवन में कभी भी कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे माता-पिता को कष्ट हो। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। निष्ठावान प्रयास ही सबसे महत्वपूर्ण है। ग्लोरी आयोजन केवल नौकरी प्राप्त करने का उत्सव नहीं है। जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों की शुरुआत का भी प्रसंग है। प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व है कि भावी जीवन में अपने ज्ञान और प्रतिभा के उपयोग से गरीब और वंचित लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के समाज के प्रयासों में योगदान दे। आपकी मेहनत और ईमानदारी से ही आपकी व्यक्तिगत, संस्था की और देश की खुशहाली और उन्नति होगी। देशभक्ति का सबसे प्रभावी तरीका सेवा भाव और समर्पण के साथ अपने कार्यों और कर्तव्यों को करना है।