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पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

प्रकाशित: 31-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित
ताशकंद, (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विदेशी नेताओं के लिए उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान ‘ओली दराजाली दोस्तलिक' से रविवार को सम्मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी मैत्रीपूर्ण संबंधों को समर्पित किया।
मोदी व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और संपर्क समेत कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रदान किया। मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, '' 'ओली दराजाली दोस्तलिक' सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी संबंधों को समर्पित करता हूं।''
विदेश मंत्रालय ने 'एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री को दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इसने कहा, ''प्रधानमंत्री ने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों को समर्पित किया और इस बात को रेखांकित किया कि यह दोनों सभ्यताओं के बीच स्थायी मित्रता का प्रतीक है।''
मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ''उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।'' उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द 'दोस्तलिक' से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा, ''भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां 'दोस्तलिक' शब्द दिन में सौ बार न बोला जाता हो। आज आपने वास्तव में इस शब्द के सार को सामने ला दिया है। 'दोस्तलिक' का अर्थ मित्रता है। यह शब्द अपने आप में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों के केंद्र में मौजूद भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है।''
मोदी ने कहा कि यह सम्मान प्राप्त करना उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने कहा, ''सभी भारतीयों की ओर से, मैं उज्बेकिस्तान की जनता, सरकार और अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इस सर्वोच्च सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और इसे हमारे दोनों देशों के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा हमारी साझा विरासत को समर्पित करता हूं।''
इससे पहले, मोदी ने मिर्जियोयेव के साथ वार्ता की, जिसके बाद भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री 31 अगस्त से एक सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ताशकंद से किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे।