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ािढएटिविटी के नाम पर संस्कृति से समझौता न होः उर्वशी

प्रकाशित: 31-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ािढएटिविटी के नाम पर संस्कृति से समझौता न होः उर्वशी
ािढएटिविटी के नाम पर संस्कृति से समझौता न होः उर्वशी
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट विवाद पर अब उर्वशी रौतेला की प्रतिािढया सामने आई है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में उर्वशी ने कहा कि वे किसी भी महिला को उसके कपड़ों से जज नहीं करती हैं, लेकिन ािढएटिविटी के नाम पर सांस्कृतिक संवेदनशीलता से समझौता नहीं होना चाहिए। रक्षाबंधन भारत का बेहद पवित्र त्योहार है और इसकी मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। बता दें कि ज्वेलरी ब्रांड जीवा के इस विज्ञापन में कृति सेनन के इंडो-वेस्टर्न पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था, जिसके बाद ब्रांड ने विज्ञापन को हटा लिया है। ािढएटिविटी और परंपरा को एक साथ न मिलाएं बातचीत में उर्वशी रौतेला ने कहा, हम आजादी और ािढएटिविटी का जश्न मनाते हैं, लेकिन हमें यह सोचना होगा कि रक्षाबंधन एक संवेदनशील और पवित्र त्योहार है। इसे देश के करोड़ों लोग मनाते हैं और हमें अपनी परंपराओं पर गर्व है। हमें यह समझना होगा कि ािढएटिविटी के नाम पर रक्षाबंधन जैसी पवित्र परंपरा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। हमें तय करना होगा कि कहां सीमा होनी चाहिए उर्वशी ने बातचीत के दौरान भारतीय संस्कृति के प्रति अपने सम्मान का पा किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट रिश्ते का खूबसूरत त्योहार है। उर्वशी ने जोर देते हुए कहा, हमें एक सीमा तय करनी होगी कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। आखिरकार हम सब भारतीय हैं और हमें अपने देश और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं।
फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है। कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।