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किंग चार्ल्स की अमेरिका यात्रा: व्यंग्यात्मक टिप्पणी और प्रोटोकॉल का उल्लंघन – दो घटनाएं जो सुर्खियों में

प्रकाशित: 01-05-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
किंग चार्ल्स की अमेरिका यात्रा: व्यंग्यात्मक टिप्पणी और प्रोटोकॉल का उल्लंघन – दो घटनाएं जो सुर्खियों में
आदित्य नरेन्द्र
ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला की चार दिवसीय अमेरिका यात्रा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर हुई यह राज्य यात्रा अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई है। इस दौरान औपचारिक स्वागत समारोह, कांग्रेस को संबोधन, कैबिनेट सदस्यों से मुलाकात और राज्य भोज जैसी कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। लेकिन इस नियमित दौरा के बीच दो घटनाएं ऐसी हुईं, जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक तरफ राजा चार्ल्स की ट्रंप पर तीखी व्यंग्यात्मक टिप्पणी, तो दूसरी तरफ ट्रंप द्वारा प्रोटोकॉल तोड़ने का विवादास्पद कदम।
पहली घटना राज्य भोज के दौरान हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले यूरोपीय सहयोगियों पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर अमेरिका न होता तो यूरोप आज जर्मन भाषा बोल रहा होता। राजा चार्ल्स ने इस पर करारा जवाब देते हुए कहा, “आपने हाल ही में टिप्पणी की थी, श्री राष्ट्रपति, कि अमेरिका के बिना यूरोपीय देश जर्मन बोल रहे होते। मैं यह कहने का साहस करूंगा कि अगर हम (ब्रिटेन) न होते तो आप लोग फ्रेंच बोल रहे होते।” यह टिप्पणी अमेरिकी लोगों पर व्यंग्य के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि ब्रिटिश प्रभाव के बिना उत्तरी अमेरिका में फ्रेंच उपनिवेश का दबदबा होता। राजा की इस टिप्पणी को ‘स्कैथिंग अटैक’ यानी तीखा हमला माना जा रहा है, जो ट्रंप की पुरानी टिप्पणी का सीधा जवाब था। मेज पर बैठे मेहमानों की हंसी के बीच यह पल काफी चर्चित हो गया।
दूसरी घटना और भी विवादास्पद रही। जब किंग चार्ल्स और रानी कैमिला व्हाइट हाउस में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल (ट्रंप कैबिनेट के सदस्यों) से मिल रहे थे, तो रानी कैमिला हैंडशेक लाइन में आगे बढ़ रही थीं। तभी राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक लाइन तोड़ते हुए रानी कैमिला के सामने आकर हाथ मिलाना शुरू कर दिया। इससे प्रोटोकॉल का साफ उल्लंघन हुआ। रानी कैमिला थोड़ी हैरान नजर आईं, जबकि राजा चार्ल्स भी इस अनपेक्षित हस्तक्षेप से प्रभावित हुए। राजपरिवार के प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी सदस्य के आगे बढ़कर या उन्हें बीच में रोककर हाथ मिलाना अनुचित माना जाता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो वायरल होने के बाद ट्रंप की इस हरकत को ‘नो रिगार्ड फॉर प्रोटोकॉल’ यानी प्रोटोकॉल की पूरी अनदेखी बताया जा रहा है। कुछ लोग इसे ट्रंप की ‘अमेरिकन स्टाइल’ बताते हैं, तो कुछ इसे राजपरिवार के प्रति असम्मान मान रहे हैं।
इस यात्रा का उद्देश्य ब्रिटेन-अमेरिका के गहरे संबंधों को और मजबूत करना था, लेकिन इन दो घटनाओं ने इसे यादगार बना दिया। एक तरफ राजा चार्ल्स की बुद्धिमत्तापूर्ण व्यंग्य से कूटनीतिक माहौल गरमा गया, तो दूसरी तरफ ट्रंप की प्रोटोकॉल भंग करने वाली हरकत ने बहस छेड़ दी। यात्रा अभी जारी है और कल (30 अप्रैल) इसका समापन होने वाला है। दोनों देशों के बीच संबंध कितने मजबूत हैं, यह तो समय बताएगा, लेकिन ये दो पल निश्चित रूप से इतिहास में दर्ज हो गए हैं।