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इन महिलाओं का खत्म होगा मुफ्त बस सफर! शर्त पूरी करने से चूकीं

प्रकाशित: 01-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
इन महिलाओं का खत्म होगा मुफ्त बस सफर! शर्त पूरी करने से चूकीं
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड पहल का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2 मार्च को किया. इसका उद्देश्य पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 2019 में शुरू की गई पिंक टिकट प्रणाली को केंद्र सरकार की 'एक राष्ट्र, एक कार्ड' पहल के तहत पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) से बदलना था. बदलाव का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना भी था कि केवल 12 वर्ष से अधिक आयु की दिल्ली निवासी महिला यात्री ही मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकें.
5.56 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने पिछले महीने इस पहल की शुरुआत के बाद से राजधानी में महिला बस यात्रियों को मुफ्त यात्रा के लिए लगभग 5.56 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में केवल लगभग 5-6% महिला यात्री - लगभग 6,000-8,000 - ही इन कार्डों का उपयोग कर रही हैं. दिल्ली में अभी भी ज्यादातर महिला यात्री पिंक स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, मुफ्त यात्रा के लिए इसका अनिवार्य होना जल्द ही संभव हो सकता है. अधिकारी अब सहेली कार्ड के कम उपयोग के कारणों का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण कराने पर विचार कर रहे हैं और जुलाई तक मुफ्त यात्रा के लिए सहेली कार्ड को अनिवार्य किया जा सकता है. इंडियन एक्सपर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि बस में प्रतिदिन औसतन 23 लाख यात्री यात्रा करते हैं, जिनमें थ्रू टिकट और बस पास शामिल हैं. इनमें से 6 से 7 लाख यात्री महिलाएं हैं, लेकिन हमने देखा है कि पिंक स्मार्ट कार्ड का उपयोग 50% महिला यात्री भी नहीं कर रही हैं… इसका मतलब है कि बाकी महिलाएं पिंक टिकट का उपयोग करके ही यात्रा कर रही हैं,” अधिकारी ने आगे कहा, “चूंकि मई और जून गर्मी के चरम महीने होते हैं, इसलिए कार्ड को अभी तक अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन जुलाई से यह अनिवार्य हो जाएगा. इससे पहले, बसों में जागरूकता अभियान चलाकर इसके उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा.” मौजूदा सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं . पिंक स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया मार्च से 58 केंद्रों पर जारी है. दिल्ली में 12 वर्ष या उससे अधिक आयु की कोई भी महिला यात्री इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती है. दिल्ली का आधार नंबर अनिवार्य है और आधार से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर भी देना होगा. डीटीसी को 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री ने पिछले महीने कहा था कि भाजपा सरकार टिकट प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल कर देगी.