भारत में स्वायत्त, एज-नेटिव ड्रोन स्वॉर्म का अनावरण
प्रकाशित: 24-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (वीअ)। स्वायत्त समन्वय के क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ताशी नेटवर्क और भारत की प्रमुख यूएवी एवं रक्षा समाधान प्रदाता ड्रोनवर्स ने आज दिल्ली क्षेत्र में एक लाइव ड्रोन स्वॉर्म फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया। इस परीक्षण में प्रदर्शित किया गया कि कैसे एक विकेंद्रीकृत मेश नेटवर्क मिशन को जारी रखता है, भले ही कुछ ड्रोन नेटवर्क से बाहर हो जाएँ, उनकी बैटरी कम हो जाए या बेस स्टेशन से संपर्क बाधित हो जाए। पिछले एक वर्ष में वैश्विक रक्षा बजटों का झुकाव बड़े पैमाने पर नेटवर्क-आधारित मानवरहित प्रणालियों की ओर हुआ है। जहाँ अमेरिकी रक्षा विभाग की प्रस्तावित 54.6 अरब अमेरिकी डॉलर की स्वायत्त युद्धक क्षमता योजना एआई-संचालित युद्ध प्रणालियों की ओर वैश्विक बदलाव को दर्शाती है, वहीं भारतीय सेना के मानवरहित हवाई प्रणालियों और लुटरिंग म्यूनिशन्स के लिए प्रौद्योगिकी रोडमैप ने देश में तकनीकी आत्मनिर्भरता की दौड़ को और तेज़ कर दिया है। विवादित हवाई क्षेत्रों में तीव्र इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के बीच ड्रोन स्वॉर्म को एकजुट बनाए रखना अब केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं, बल्कि अग्रिम मोर्चे की तात्कालिक आवश्यकता बन चुका है। यह संयुक्त अभ्यास, जो भारत में अपनी तरह के शुरुआती प्रयोगों में से एक है, सशस्त्र बलों के एकल ड्रोन से समन्वित स्वॉर्म की ओर बढ़ने की दिशा को दर्शाता है। ऐसे स्वॉर्म निगरानी, हमले और मिशन पुन-आवंटन जैसे कार्य स्वायत्त रूप से कर सकते हैं। भारतीय सेनाओं के हालिया आधुनिकीकरण कार्पामों और स्वॉर्म ड्रोन की तैनाती ने गतिशील मेश संचार की आवश्यकता को रेखांकित किया है, जिससे मिशन तब भी पूरा हो सके जब कुछ इकाइयाँ बीच में बाहर हो जाएँ।