विमान ईंधन की ऊंची कीमतों की वजह से घरेलू उड़ानों में 22 फीसदी कटौती करेगी एयर इंडिया
प्रकाशित: 28-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने विमान ईंधन (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की ऊंची कीमतों की वजह से बढ़ती परिचालन लागत के चलते अपनी घरेलू उड़ानों में अस्थायी रूप से 22 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
कटौती का यह निर्णय टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कमी की घोषणा के दो सप्ताह बाद लिया है। विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी क्षेत्रों के लिए परिचालन लागत बढ़ गई है। एयर इंडिया हर सप्ताह लगभग 4,400 उड़ानों का परिचालन करती है, जिनमें करीब 3,600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल हैं। कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि जून से अगस्त, 2026 के बीच चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में पहले घोषित बदलावों के साथ-साथ कुछ घरेलू मार्गों पर भी अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या घटाई गई है। सूत्रों के अनुसार, घरेलू उड़ानों में 20-22 प्रतिशत की कमी आएगी। करीब 3,600 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों के आधार पर 22 प्रतिशत की कटौती से प्रति सप्ताह 790 से ज्यादा सेवाओं की कटौती होगी।
एयर इंडिया के अनुसार, यह फैसला लगातार ऊंची ईंधन कीमतों के कारण परिचालन पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए लिया गया है। कंपनी ने कहा कि मांग और परिचालन स्थितियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और परिस्थितियां सामान्य होने पर उड़ानों की संख्या फिर बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों की उड़ानें प्रभावित होंगी उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में समायोजन, बिना अतिरिक्त शुल्क तारीख बदलने की सुविधा या टिकट का पूरा पैसा वापस किया जाएगा। एयर इंडिया ने 13 मई को जून से अगस्त, 2026 के बीच चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कमी करने की घोषणा की थी। एयरलाइन लगभग 100 विदेशी उड़ानों में कटौती करेगी और दिल्ली-शिकॉगो सहित सात मार्गों पर सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर देगी, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय क्षमता में 27 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
एयरलाइन अगस्त तक दिल्ली-शिकॉगो, दिल्ली-नेवार्क, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले मार्गों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर देगी।
सिंगापुर एयरलाइंस समूह के 14 मई को जारी किए गए गई अपनी वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में एयर इंडिया को 26,700 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है।
कटौती का यह निर्णय टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कमी की घोषणा के दो सप्ताह बाद लिया है। विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी क्षेत्रों के लिए परिचालन लागत बढ़ गई है। एयर इंडिया हर सप्ताह लगभग 4,400 उड़ानों का परिचालन करती है, जिनमें करीब 3,600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल हैं। कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि जून से अगस्त, 2026 के बीच चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में पहले घोषित बदलावों के साथ-साथ कुछ घरेलू मार्गों पर भी अस्थायी रूप से उड़ानों की संख्या घटाई गई है। सूत्रों के अनुसार, घरेलू उड़ानों में 20-22 प्रतिशत की कमी आएगी। करीब 3,600 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों के आधार पर 22 प्रतिशत की कटौती से प्रति सप्ताह 790 से ज्यादा सेवाओं की कटौती होगी।
एयर इंडिया के अनुसार, यह फैसला लगातार ऊंची ईंधन कीमतों के कारण परिचालन पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए लिया गया है। कंपनी ने कहा कि मांग और परिचालन स्थितियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और परिस्थितियां सामान्य होने पर उड़ानों की संख्या फिर बढ़ाई जा सकती है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों की उड़ानें प्रभावित होंगी उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में समायोजन, बिना अतिरिक्त शुल्क तारीख बदलने की सुविधा या टिकट का पूरा पैसा वापस किया जाएगा। एयर इंडिया ने 13 मई को जून से अगस्त, 2026 के बीच चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कमी करने की घोषणा की थी। एयरलाइन लगभग 100 विदेशी उड़ानों में कटौती करेगी और दिल्ली-शिकॉगो सहित सात मार्गों पर सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर देगी, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय क्षमता में 27 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
एयरलाइन अगस्त तक दिल्ली-शिकॉगो, दिल्ली-नेवार्क, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले मार्गों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर देगी।
सिंगापुर एयरलाइंस समूह के 14 मई को जारी किए गए गई अपनी वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में एयर इंडिया को 26,700 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है।