पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
प्रकाशित: 28-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
शहडोल (वीअ) । पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में आज सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक कुलगुरु प्रो.रामशंकर के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, समाजोन्मुखी गतिविधियों के प्रसार तथा विश्वविद्यालय स्तर पर एक सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में विचार-विमर्श करना था। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.आशीष तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में लगभग 20 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने सहभागिता की, जिनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों एवं मिलियन की संख्या में दर्शक जुड़े हुए हैं। ये सभी युवा समाज में सकारात्मक संदेश, जनजागरण एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। बैठक में सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानते हुए उसे समाज निर्माण, शिक्षा, संस्कृति, युवा चेतना एवं राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय डिजिटल युग का समय है, जहाँ सोशल मीडिया समाज की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ किया जाए तो यह समाज में जागरूकता, शिक्षा एवं प्रेरणा का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रमुख मंच है।
ऐसे में विश्वविद्यालय और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को रचनात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के एक स्थायी एवं योजनाबद्ध समूह के निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस पहल से विश्वविद्यालय की गतिविधियों, शोध, नवाचार, सांस्कृतिक कार्पामों एवं सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुँचाया जा सकेगा। बैठक के दौरान कुलगुरु द्वारा ध्यान एवं मेडिटेशन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि निरंतर डिजिटल गतिविधियों और व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ध्यान की संक्षिप्त प्रािढया कराते हुए मानसिक एकाग्रता, सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मानुशासन के महत्व को समझाया। प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया। बैठक में विश्वविद्यालय की उRिं समिति से डॉ.मुनीश नेगी, डॉ. सौरभ शिवा, डॉ. वंदना राम, डॉ. लोकेश साहू एवं डॉ. दिलीप तिवारी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं समाज के मध्य संवाद को और अधिक प्रभावी बनाने पर अपने विचार साझा किए। बैठक में उपस्थित इन्फ्लुएंसर्स ने भी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शिक्षा, युवा जागरूकता, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन एवं सामाजिक विषयों पर अभियान चलाने की सहमति व्यक्त की।
कार्पाम के अंत में भविष्य में नियमित बैठकों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं एवं डिजिटल नेटवर्किंग गतिविधियों के आयोजन का निर्णय लिया गया।
यह बैठक विश्वविद्यालय एवं सोशल मीडिया जगत के मध्य एक सकारात्मक और रचनात्मक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
बैठक का उद्देश्य सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, समाजोन्मुखी गतिविधियों के प्रसार तथा विश्वविद्यालय स्तर पर एक सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में विचार-विमर्श करना था। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.आशीष तिवारी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में लगभग 20 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने सहभागिता की, जिनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों एवं मिलियन की संख्या में दर्शक जुड़े हुए हैं। ये सभी युवा समाज में सकारात्मक संदेश, जनजागरण एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। बैठक में सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानते हुए उसे समाज निर्माण, शिक्षा, संस्कृति, युवा चेतना एवं राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय डिजिटल युग का समय है, जहाँ सोशल मीडिया समाज की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ किया जाए तो यह समाज में जागरूकता, शिक्षा एवं प्रेरणा का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रमुख मंच है।
ऐसे में विश्वविद्यालय और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को रचनात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के एक स्थायी एवं योजनाबद्ध समूह के निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस पहल से विश्वविद्यालय की गतिविधियों, शोध, नवाचार, सांस्कृतिक कार्पामों एवं सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुँचाया जा सकेगा। बैठक के दौरान कुलगुरु द्वारा ध्यान एवं मेडिटेशन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि निरंतर डिजिटल गतिविधियों और व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ध्यान की संक्षिप्त प्रािढया कराते हुए मानसिक एकाग्रता, सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मानुशासन के महत्व को समझाया। प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया। बैठक में विश्वविद्यालय की उRिं समिति से डॉ.मुनीश नेगी, डॉ. सौरभ शिवा, डॉ. वंदना राम, डॉ. लोकेश साहू एवं डॉ. दिलीप तिवारी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं समाज के मध्य संवाद को और अधिक प्रभावी बनाने पर अपने विचार साझा किए। बैठक में उपस्थित इन्फ्लुएंसर्स ने भी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शिक्षा, युवा जागरूकता, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन एवं सामाजिक विषयों पर अभियान चलाने की सहमति व्यक्त की।
कार्पाम के अंत में भविष्य में नियमित बैठकों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं एवं डिजिटल नेटवर्किंग गतिविधियों के आयोजन का निर्णय लिया गया।
यह बैठक विश्वविद्यालय एवं सोशल मीडिया जगत के मध्य एक सकारात्मक और रचनात्मक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।