दिल्ली में बनेगी देश की पहली रिंग मेट्रो, मजलिस पार्क से मौजपुर तक लाइन तैयार, 8 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्धाटन
प्रकाशित: 06-03-2026 | लेखक: कृष्ण देव पाठक
दिल्ली-एनसीआर वालों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। देश की पहली रिंग मेट्रो का शुभारंभ दिल्ली में होगा। इसके साथ ही 3 नए मेट्रो कॉरिडोर भी बनेंगे। पीएम मोदी 8 मार्च को 2 नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्धाटन करने जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी करेंगे
नोएडा-फरीदाबाद वालों की राह आसान होगी। तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज विस्तार से सीधी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। 8 मार्च को दिल्ली में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होने जा रहा हैं। इस मौके पर दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन किया जाएगा।
देश में पहली रिंग मेट्रो होगी शुरू
देश की पहली रिंग मेट्रो दिल्ली में शुरू होगी। मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन तक। इसकी लंबाई 12.3 किलोमीटर है। इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। इस सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और दिल्ली को देश की पहली पूरी तरीके से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलेगी। इस कॉरिडोर पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन होंगे।
दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है जिसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है और इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटैनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इस सेक्शन पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशन होंगे। दरअसल ये मेट्रो कॉरिडोर इंजीनियरिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है, जो दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर को एक साथ समाहित किया गया है। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।
3 कॉरिडोर का शिलान्यास
पीएम दिल्ली मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का भी शिलान्यास करेंगे, जिससे दिल्लीवासियों की यात्रा और अधिक सुगम होगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं।रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें नौ नए स्टेशन होंगे, जिनमें आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं।
यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। एरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 2.263 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें एक नया स्टेशन होगा और दोनों पहले से संचालित स्टेशनों को आपस में जोड़ा जाएगा। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 3.9 किलोमीटर होगी और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे।
एनसीआर को बड़ी सौगात
एनसीआर के शहरों को भी इससे यक़ीनन बड़ा लाभ मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के निवासी वायलेट लाइन के माध्यम से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन के जरिए सीधे आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
नोएडा-फरीदाबाद वालों की राह आसान होगी। तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज विस्तार से सीधी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। 8 मार्च को दिल्ली में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होने जा रहा हैं। इस मौके पर दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन किया जाएगा।
देश में पहली रिंग मेट्रो होगी शुरू
देश की पहली रिंग मेट्रो दिल्ली में शुरू होगी। मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन तक। इसकी लंबाई 12.3 किलोमीटर है। इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। इस सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और दिल्ली को देश की पहली पूरी तरीके से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलेगी। इस कॉरिडोर पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन होंगे।
दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है जिसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है और इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटैनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इस सेक्शन पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशन होंगे। दरअसल ये मेट्रो कॉरिडोर इंजीनियरिंग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है, जो दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर को एक साथ समाहित किया गया है। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।
3 कॉरिडोर का शिलान्यास
पीएम दिल्ली मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का भी शिलान्यास करेंगे, जिससे दिल्लीवासियों की यात्रा और अधिक सुगम होगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं।रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें नौ नए स्टेशन होंगे, जिनमें आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं।
यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। एरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 2.263 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें एक नया स्टेशन होगा और दोनों पहले से संचालित स्टेशनों को आपस में जोड़ा जाएगा। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 3.9 किलोमीटर होगी और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे।
एनसीआर को बड़ी सौगात
एनसीआर के शहरों को भी इससे यक़ीनन बड़ा लाभ मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के निवासी वायलेट लाइन के माध्यम से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन के जरिए सीधे आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।