ईरान से निपट लें पहले फिर…’, डोनाल्ड ट्रंप का अगला टारगेट भी सेट, बताया Iran के बाद किस देश की है बारी?
प्रकाशित: 06-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया है। उन्होंने अपना अगला टारगेट सेट कर लिया है। इस बारे में बात करते हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता ईरान को सबक सिखाना है। अभी उनका फोकस ईरान के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने पर है। ईरान के बाद वे क्यूबा को टारगेट करेंगे और उसकी समस्याओं को समाधान करेंगे। ईरान के बाद अगला नंबर क्यूबा का ही है।
ईरान के साथ क्यूबा से भी बातचीत जारी थी
शष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में आयोजित मेजर लीग सॉकर चैंपियन इंटर मियामी CF के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत के बीच ही क्यूबा के साथ बातचीत चल रही थी। पहले क्यूबा से ही निपटने का प्लान था, लेकिन ईरान ने हालात ऐसे बना दिए कि पहले उस पर हमला करना पड़ा। हवाना वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है और ट्रेड डील के लिए बेताब है, लेकिन अब ईरान के बाद क्यूबा का देखेंगे। इसलिए क्यूबा से बातचीत भी डिले कर दी गई है।
अमेरिका ने क्यूबा पर लगाई आर्थिक पाबंदियां
बता दें कि ओबामा सरकार के समय अमेरिका और क्यूबा के संबंध मजबूत हुए थे। डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही क्यूबा पर पाबंदियां लगा दी। पाबंदियों से क्यूबा का टूरिज्म, बिजनेस, इंडस्ट्री, इकोनॉमी पर असर पड़ा। क्यूबा को ट्रंप ने फिर से स्टेट स्पॉन्सर ऑफर टेररिज्म की सूची में डाल दिया। क्यूबा पर ट्रंप ने वामपंथी और अमेरिका-विरोधी समूहों को शरण और समर्थन देने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की मादुरो सरकार को भी राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य सुरक्षा देने काआरोप लगाया।
क्यूबा का फ्रेंडली टेकऑवर करेगा अमेरिका
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने हवाना के साथ बातचीत की और क्यूबा के ‘फ्रेंडली टेकओवर’ की संभावना जताई। क्योंकि क्यूबा के पास पैसे नहीं हैं कि वह व्यापार कर सके या अमेरिका के साथ ट्रेड डील साइन कर सके। इसलिए अमेरिका ने क्यूबा पर कब्जा करने की प्लानिंग बनाई है। क्योंकि क्यूबा तंगी से गुजर रहा है, इसलिए वह अमेरिका का विरोध भी नहीं करेगा, लेकिन क्यूबा के साथ डील अब ईरान का संघर्ष खत्म होने के बाद ही होगी। तब तक क्यूबा को अपने हालातों को सहन करना पड़ेगा।
ईरान के साथ क्यूबा से भी बातचीत जारी थी
शष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में आयोजित मेजर लीग सॉकर चैंपियन इंटर मियामी CF के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत के बीच ही क्यूबा के साथ बातचीत चल रही थी। पहले क्यूबा से ही निपटने का प्लान था, लेकिन ईरान ने हालात ऐसे बना दिए कि पहले उस पर हमला करना पड़ा। हवाना वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है और ट्रेड डील के लिए बेताब है, लेकिन अब ईरान के बाद क्यूबा का देखेंगे। इसलिए क्यूबा से बातचीत भी डिले कर दी गई है।
अमेरिका ने क्यूबा पर लगाई आर्थिक पाबंदियां
बता दें कि ओबामा सरकार के समय अमेरिका और क्यूबा के संबंध मजबूत हुए थे। डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही क्यूबा पर पाबंदियां लगा दी। पाबंदियों से क्यूबा का टूरिज्म, बिजनेस, इंडस्ट्री, इकोनॉमी पर असर पड़ा। क्यूबा को ट्रंप ने फिर से स्टेट स्पॉन्सर ऑफर टेररिज्म की सूची में डाल दिया। क्यूबा पर ट्रंप ने वामपंथी और अमेरिका-विरोधी समूहों को शरण और समर्थन देने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की मादुरो सरकार को भी राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य सुरक्षा देने काआरोप लगाया।
क्यूबा का फ्रेंडली टेकऑवर करेगा अमेरिका
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने हवाना के साथ बातचीत की और क्यूबा के ‘फ्रेंडली टेकओवर’ की संभावना जताई। क्योंकि क्यूबा के पास पैसे नहीं हैं कि वह व्यापार कर सके या अमेरिका के साथ ट्रेड डील साइन कर सके। इसलिए अमेरिका ने क्यूबा पर कब्जा करने की प्लानिंग बनाई है। क्योंकि क्यूबा तंगी से गुजर रहा है, इसलिए वह अमेरिका का विरोध भी नहीं करेगा, लेकिन क्यूबा के साथ डील अब ईरान का संघर्ष खत्म होने के बाद ही होगी। तब तक क्यूबा को अपने हालातों को सहन करना पड़ेगा।