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क्या पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम, खत्म होने वाला है स्टॉक? सरकार सूत्रों ने बताया पूरा प्लान

प्रकाशित: 06-03-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
क्या पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम, खत्म होने वाला है स्टॉक? सरकार सूत्रों ने बताया पूरा प्लान
नई दिल्ली:
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं. ईरान–इजरायल संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण लोगों में आशंका बढ़ी कि कहीं देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित न हो जाए, बस फिर क्या था लोगों की इसी पैनिक बायिंग ने अचानक कई जगह भीड़ बढ़ा दी. हालांकि सरकारी सूत्रों ने साफ़ किया है कि भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें स्थिर रखने की कोशिशें रंग ला रही हैं और घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत नहीं बढ़ने दी जाएगी.
कई मोर्चे पर बातचीत का दौर जारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार लगातार कई मोर्चों पर बातचीत में लगी है, जिससे आपूर्ति पर कोई प्रभाव न पड़े. सूत्रों ने यह भी बताया कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा, जिससे सप्लाई चेन मजबूत बनी रहेगी. देश में कच्चे तेल को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भारत के पास पर्याप्त मात्रा में भंडार उपलब्ध है. सरकार ने यह आश्वासन भी दिया कि किसी भी परिस्थिति में तेल की कमी नहीं होने दी जाएगी. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं.
भारत के पास पर्याप्त मात्रा में भंडार
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद तेल आपूर्ति सुरक्षित है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं. सूत्रों ने लोगों से आग्रह किया कि पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है. सरकार की ओर से दिए इस आश्वासन का उद्देश्य बाजार में स्थिरता बनाए रखना और आम उपभोक्ताओं को यह भरोसा दिलाना है कि देश में ईंधन की उपलब्धता और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी, चाहे अंतरराष्ट्रीय हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों.
अमेरिका ने भारत को दी 30 दिन की छूट दी
ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने कहा कि वह भारतीय कंपनियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए अस्थायी रूप से 30 दिनों की छूट दे रहा है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के कारण तेल और गैस का उत्पादन अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया है. वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए वित्त मंत्रालय भारतीय कंपनियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए अस्थायी रूप से 30 दिन की छूट दे रहा है.''
भारत के पास 25 दिनों का भंडार
सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया था कि भारत के पास कच्चे तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का लगभग 25 दिनों का भंडार उपलब्ध है. सूत्रों के अनुसार सरकार कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी के आयात के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी कर रही है, ताकि वैश्विक आपूर्ति व्यवधान का घरेलू बाजार पर असर न पड़े. सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वेस्ट एशिया में तनाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है. इसी संदर्भ में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को मंत्रालय और संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिति की समीक्षा की.
मंत्रालय ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. भारत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का एक बड़ा आयातक है, और मिडिल-ईस्ट भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति क्षेत्र रहा है. ऐसी स्थिति में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग ने भी सभी संबंधित मंत्रालयों, प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड फैसिलिटेशन पार्टनर्स के साथ परामर्श बैठक की, ताकि वेस्ट एशिया के बदलते भू-राजनीतिक हालात का भारत के निर्यात–आयात (EXIM) कार्गो फ्लो पर संभावित प्रभाव आंका जा सके.
(एएनआई इनपुट्स के साथ)