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कांग्रेस ने ट्रंप की तानाशाही रोकी!

प्रकाशित: 05-06-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
कांग्रेस ने ट्रंप की तानाशाही रोकी!
215-208 वोट से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन पास
आदित्य नरेन्द्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान युद्ध को लेकर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 215-208 के अंतर से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन पास कर दिया। इस प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को बिना उसकी मंजूरी के जारी नहीं रखा जा सकता। यह प्रस्ताव 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के तहत लाया गया, जो राष्ट्रपति की शक्तियों पर संवैधानिक अंकुश लगाता है। वोटिंग में सभी डेमोक्रेट्स एकजुट रहे, जबकि चार रिपब्लिकन सांसदों - थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, वॉरेन डेविडसन और टॉम बैरेट - ने पार्टी लाइन तोड़कर समर्थन किया।
डेमोक्रेटिक लीडर हाकिम जेफरीज ने वोट के बाद कहा, “आज अमेरिका ने फैसला किया है कि कोई राष्ट्रपति अकेले युद्ध नहीं छेड़ सकता। यह लोकतंत्र की जीत है।'' वहीं, ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन सांसदों ने इसे ‘देशद्रोह' तक बताया। तीन महीने से जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अब तक सैकड़ों अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं और अरबों डॉलर का खर्च हो गया है। बढ़ती मौतों, आर्थिक बोझ और स्पष्ट रणनीति की कमी ने घरेलू विरोध को भड़का दिया था। विश्लेषकों का कहना है कि यह ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और नैतिक हार है। हालांकि प्रस्ताव कानूनी रूप से पूरी तरह बाध्यकारी नहीं है और ट्रंप इसे वीटो कर सकते हैं या नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन सदन में इसका पास होना दिखाता है कि कांग्रेस अब राष्ट्रपति की एकतरफा युद्ध नीति बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। क्या ट्रंप इसे मानेंगे? यह सबसे बड़ा सवाल है। अगर ट्रंप इसे नजरअंदाज करते हैं तो संवैधानिक संकट गहरा सकता है। कई कानूनी विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे अदालती लड़ाई तक जा सकती है। ईरान युद्ध अब सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं, बल्कि अमेरिका के अंदरूनी शक्ति संतुलन का सबसे बड़ा परीक्षण बन गया है। कांग्रेस का यह कदम साबित करता है कि अमेरिका में अभी भी लोकतंत्र मजबूत है - कोई भी राष्ट्रपति, चाहे कितना भी ताकतवर हो, युद्ध की आग अकेले नहीं भड़का सकता।
समय आ गया है कि ट्रंप या तो कांग्रेस के साथ आएं या इस बिना-अधिकार युद्ध को तुरंत समाप्त करें।