वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

आग उगलता सूरज और तवे सी तपती धरती

प्रकाशित: 27-04-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
रियल टाइम ग्लोबल तापमान रैंकिंग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 25 शहर हमारे देश भारत के है। अप्रैल का यह चौथा सप्ताह समाप्त होने जा रहा है और इसी के साथ गर्मी भी अपने चरम पर पहुंच रही है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान ने जून जैसी स्थिति पैदा कर दी है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक तेज धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हर साल ज्येष्ठ माह के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिस वजह से नौतपा लगता है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है मगर भीषण गर्मी और हीटवेव ने अभी से लोगों को तपाना प्रारम्भ कर दिया है। इस समय देशभर में गर्मी का प्रचंड प्रकोप दिखाई दे रहा है। भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में चल रही गर्म हवाओं में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों को मजबूरी में बाहर निकलना पड़ रहा है। इसी के साथ बिजली की आँख मिचोली कोढ़ में खाज का काम कर रही है। वहीं गर्मी के कारण लोगों के बीमार होने के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं जिससे अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। हीट-वेव ने आम जनजीवन को पटरी से उतार दिया है। उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। कई स्थानों पर पारा 47 डिग्री को पार कर गया। है। हालांकि कुछ स्थानों पर मौसम विभाग ने आंधी और लू के साथ हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। अभी तक जहां सिर्फ मैदानी इलाकों में गर्मी पड़ रही थी, वहीं, अब पहाड़ी इलाकों में भी तापमान बढ़ने लगा है। समूचा भारत इस समय प्रचंड गर्मी से झुलस रहा है। अप्रैल माह समाप्त होने के कगार पर है और भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाने लगा है। कुछ दिनों से लगातार पारा चढ़ता जा रहा है। तपिश भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भीषण गर्मी, तपिश और लू से सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। तीखी धूप ने ऐसा तांडव मचाया है कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। घरों में नलो से गरम पानी निकल रहा है वहीँ बिजली की आंखमिचोली से लोग परेशान हो रहे है। तेज धूप होने के कारण हवा भी इतनी गर्म हो गई है कि हीट स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ गया है। हीट स्ट्रोक होने के लक्ष्णों में तेज गर्मी के अहसास होने के साथ बैचेनी होती है। शरीर का तापमान बढ़ जाता है। अधिक तापमान के कारण बेहोशी भी आ जाती है। बार-बार प्यास लगती है। चेहरा लाल होने लगता है। सिर में दर्द भी होता है और जी मचलने के साथ उल्टियां होती है। गर्मी का मौसम मार्च से सितंबर तक के महीनों में रहता है। यह साल का सबसे गर्म मौसम होता है, क्योंकि तापमान अपने उच्च शिखर पर पहुँचता है। इस ऋतु के दौरान, दिन लम्बे और गर्म होते हैं, वहीं रातें छोटी है। दिन के बीच में, सूर्य की किरणें बहुत गर्म होती है। पूरे दिनभर गर्म हवाएं चलती रहती है।
-बालमुकुंद ओझा,
जयपुर, राजथान।