बचकर रहिए, मौसम बदलते ही बढ़ा सर्पदंश का खतरा
प्रकाशित: 17-07-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ सांपों का खतरा भी बढ़ जाता है। लगातार बारिश से बिलों में पानी भरने पर सांप सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में घरों, खेतों और पशुशालाओं तक पहुंच जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बारिश के मौसम में देशभर में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई है। सर्पदंश से होने वाली मौतों को जागरूकता के साथ रोका जा सकता है, बशर्तें आप किसी झाड़ फूंक के चक्कर में नहीं फंसे। बारिश के मौसम में अत्यधिक गर्मी और उमस से सर्प अपना बिल छोड़ देते है और इसी कारण सर्पदंश की घटनाएं होने लगती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में आये दिन कहीं न कहीं सर्पदंश की घटनाएं हो रही है। अनेक स्थानों पर लोगों की जान जा रही है। अभी तक खेतो में जंगलों में सर्पदंश की घटनाएं सुनने मिलती थी लेकिन देखने मे आ रहा है कि अब सांप घरों में घुसकर काट रहे हैं। सर्पदंश के बाद व्यक्ति को भागना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे रक्त का संचार बढ़ने से जहर तेजी से फैलने लगता है। घटना के बाद व्यक्ति को तुरंत बैठ जाना चाहिए और डसने वाले स्थान पर पांच से छह इंच ऊपर कपड़ा बांध देना चाहिए, ताकि जहर आगे न बढ़े। तत्काल पीड़ित को ऐसे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए जहां एंटी स्नेक वेनम के अतिरिक्त सांस और दिल के सहायता संबंधी उपकरण उपलब्ध हों।
-बाल मुकुन्द ओझा,
जयपुर, राजस्थान।
-बाल मुकुन्द ओझा,
जयपुर, राजस्थान।