वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर अंकुश

प्रकाशित: 17-07-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
दिल्ली सरकार ने नागरिक सेवाओं को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी सरकारी विभाग को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कोई सेवा या कार्य पूरा करना है और संबंधित अधिकारी बिना उचित कारण के उसमें देरी करता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्धारित समयसीमा का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी के वेतन से प्रतिदिन 250 स 5,000 तक की कटौती का प्रावधान किया गया है। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र आयोग या प्राधिकरण की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था नगर निगम से संबंधित सेवाएं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (जहां लागू हो), वन विभाग तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभाग शामिल किए गए हैं। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते है। दिल्ली सरकार को चाहिए कि इस व्यवस्था की हर तीसरे महीने में एक समीक्षा बैठक की जाए ताकि जो कमियां है और सुधार की आवश्यकता उसको पूरा किया जा सके। इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है यदि प्रत्येक सरकारी कार्य के साथ उसकी निर्धारित समय-सीमा, जिम्मेदार अधिकारी का नाम, पद, कार्यालय का दूरभाष नंबर, ई-मेल पता तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया सार्वजनिक पोर्टल और कार्यालयों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इससे नागरिक सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे और जवाबदेही सुनिश्चित करना आसान होगा। दिल्ली सरकार इस व्यवस्था के संदर्भ में दिल्ली के समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से जनता तक यह बात पहुंचाएगी तो यह सरकार के हित में होगा और जनता के हित में भी होगा। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। सरकारी अधिकारियों पर समयसीमा का पालन करने का दबाव बढ़ेगा, लंबित मामलों की संख्या कम होगी, भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर अंकुश लग सकता है तथा जनता का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
-वीरेंद्र कुमार जाटव,
नई दिल्ली।