स्कूली बालिकाओं, आप भविष्य में क्या बनना चाहोगी : मुख्यमंत्री यादव
प्रकाशित: 19-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भोपाल (ब्यूरो प्रमुख )। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में स्कूल चले हम अभियान अंतर्गत बड़ा गणपति के 'शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' में छात्राओं से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक व आकर्षक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से खगोलीय उपकरणों, वेधशाला और मॉडल्स के संबंध में बात की। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहेंगी। उन्होंने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना भी की। आकर्षक स्पेस-थीम, रॉकेट मॉडल्स और 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब देखकर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं में जाकर बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया।
विद्यालय की स्मार्ट कक्षाओं में बालिकाओं से अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने अत्यंत सहजता से बालिकाओं से जाना कि वे भविष्य में देश व समाज के लिए क्या योगदान देना चाहती हैं। मुख्यमंत्री को बालिकाओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी-अपनी रुचि के अनुसार अपने भविष्य के लक्ष्यों और सपनों के बारे में बताया। बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन व्यवस्था, विद्यालय में उपस्थिति तथा पढ़ाई से जुड़ी विभिन्न बातों पर चर्चा की। राज्य सरकार शासकीय विद्यालयों के आधुनिकीकरण और बेटियों को शिक्षा, विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में हर संभव अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय विद्यालयों में इस स्तर की अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशालाओं का होना नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सार्थक करता है। विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच विद्यार्थियों को नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बनकर सीखने तथा अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हंी प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने को कहा। राज्य सरकार द्वारा विद्यालयीन शिक्षा को और अधिक बेहतर, आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लॉस, विज्ञान एवं नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। डॉ. यादव को छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न खगोलीय उपकरणों, दूरबीन और नक्षत्रों व ग्रहों की ट्रैकिंग प्रणाली के बारे में बताया।
इस 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब को ब्रह्मांड की थीम पर बेहद आकर्षक रूप से तैयार किया गया है। प्रयोगशाला में चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, जल पा, ज्वालामुखी और पृथ्वी की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाले लाइव चार्ट्स और मॉडल्स प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही वहां रखे रॉकेट व सैटेलाइट मॉडल्स, मानव शरीर की संरचना को समझाने वाले वर्किंग मॉडल, गुरुत्वाकर्षण के नियम, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बारे में बताया। मुख्यमंत्री का ध्यान विशेष रूप से सौर मंडल के आकर्षक भित्तिचित्रों ने आकर्षित किया।
विद्यालय की स्मार्ट कक्षाओं में बालिकाओं से अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने अत्यंत सहजता से बालिकाओं से जाना कि वे भविष्य में देश व समाज के लिए क्या योगदान देना चाहती हैं। मुख्यमंत्री को बालिकाओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी-अपनी रुचि के अनुसार अपने भविष्य के लक्ष्यों और सपनों के बारे में बताया। बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन व्यवस्था, विद्यालय में उपस्थिति तथा पढ़ाई से जुड़ी विभिन्न बातों पर चर्चा की। राज्य सरकार शासकीय विद्यालयों के आधुनिकीकरण और बेटियों को शिक्षा, विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में हर संभव अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय विद्यालयों में इस स्तर की अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशालाओं का होना नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सार्थक करता है। विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच विद्यार्थियों को नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बनकर सीखने तथा अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हंी प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने को कहा। राज्य सरकार द्वारा विद्यालयीन शिक्षा को और अधिक बेहतर, आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लॉस, विज्ञान एवं नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। डॉ. यादव को छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न खगोलीय उपकरणों, दूरबीन और नक्षत्रों व ग्रहों की ट्रैकिंग प्रणाली के बारे में बताया।
इस 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब को ब्रह्मांड की थीम पर बेहद आकर्षक रूप से तैयार किया गया है। प्रयोगशाला में चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, जल पा, ज्वालामुखी और पृथ्वी की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाले लाइव चार्ट्स और मॉडल्स प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही वहां रखे रॉकेट व सैटेलाइट मॉडल्स, मानव शरीर की संरचना को समझाने वाले वर्किंग मॉडल, गुरुत्वाकर्षण के नियम, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बारे में बताया। मुख्यमंत्री का ध्यान विशेष रूप से सौर मंडल के आकर्षक भित्तिचित्रों ने आकर्षित किया।