प्रधान ने नीट तैयारियों की समीक्षा की, पारदर्शिता पर जोर
प्रकाशित: 19-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिकित्सा के स्नातक पा"dयक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों का जायजा लेने के बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्" अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बै"क की।
नीट-यूजी इस साल तीन मई को कराई गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच एनटीए ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)इससे जुड़े प्रकरण की जांच कर रहा है। प्रधान ने बै"क को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में शुचिता, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और दोबारा हो रही परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी पुन: परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करने के लिए सभी राज्यों में जाएंगे और एनटीए के महानिदेशक की अध्यक्षता वाले नियंत्रण केंद्र को रिपोर्ट करेंगे।उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएँ, ताकि वे तनाव-मुक्त माहौल में दोबारा परीक्षा दे सकें। इस बै"क में स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।कुमार ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इस संबंध में उचित कदम उ"ाएं। जोशी ने कहा कि अभी से लेकर दोबारा परीक्षा की तारीख के बीच का समय बहुत अहम है। उन्होंने सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देश देने और सभी तय नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत को रेखांकित किया। अभिषेक सिंह ने कहा कि एनटीए सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है - जिनमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला-स्तरीय समन्वय समितियां, राज्य पुलिस विभाग और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं।
- ताकि दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जा सके।मंत्रालय के अनुसार, विस्तृत चर्चा में परीक्षा की तैयारी, समन्वय, सुरक्षा प्रोटोकॉल, साजो-सामान से जुडी व्यवस्थाएं, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन शामिल था।मंत्रालय ने बताया कि इस बै"क में 222 लोग शामिल हुए और यह बै"क हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित की गई।विभिन्न राज्यांकेंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्" अधिकारियों, केंद्र से वित्तीय अनुदान पाने वाले संस्थानों के नोडल अधिकारियों और उच्च शिक्षण संस्थानों के उपकुलपति व निदेशकों ने भी इस बै"क में हिस्सा लिया। इस बीच, एनटीए ने नीट-यूजी के अभ्यर्थियों से कहा कि वे परेशान न हों और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। एजेंसी ने साथ ही कहा कि परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एजेंसी ने एक्स पर एक संदेश में कहा कि पुन: परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को ही आयोजित की जाएगी। इसने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा स्थगित होने की अफवाहों या सोशल मीडिया पर मच रहे शोर-शराबे से प्रभावित न हों।
संदेश में अभ्यर्थियों से कहा गया कि वे सिर्फ़ एनटीए की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
एनटीए ने कहा, हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक सुरक्षित एवं निष्पक्ष परीक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। इस प्रक्रिया की शुचिता हमारी सर्वेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए मज़बूत, बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
एजेंसी ने कदाचार के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा, गलत तरीके अपनाने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा - क्योंकि ईमानदार और मेहनती छात्रों की सुरक्षा करना ही मुख्य मकसद है।
तीन मई को हुई मूल परीक्षा को रद्द करने के बारे में एनटीए ने कहा कि यह फ़ैसला अभ्यर्थियों के हित में लिया गया था और इस घटना से मिले सबक का इस्तेमाल परीक्षा प्रक्रिया को मज़बूत बनाने के लिए किया गया है।
एनटीए ने कहा, तीन मई को लिया गया मुश्किल फ़ैसला सिर्फ़ आपके भले के लिए था। जैसे ही समस्या सामने आई, हमने हर ईमानदार अभ्यर्थी के वास्ते प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कदम उ"ाए। हमने उन अनुभवों से सीखा है तथा इस बार प्रणाली को और मज़बूत किया है।
एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े तनाव का सामना कर रहे छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता पर भी ज़ोर दिया।
संदेश में कहा गया, अगर आप बहुत ज़्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं, तो जान लें कि आप अकेले नहीं हैं। मानस मानसिक-स्वास्थ्य हेल्पलाइन (14416) उपलब्ध है और जिसे भी ज़रूरत हो, उसे मदद मिल सकती है। मदद मांगना हिम्मत की निशानी है।
एनटीए ने माता-पिता, शिक्षकों और आम लोगों से यह भी अपील की कि वे छात्रों को परेशान होने से बचाने में मदद करें तथा अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।
इसने कहा, कृपया हमारे छात्रों को परेशान होने से बचाने में हमारी मदद करें। अपुष्ट जानकारी साझा न करें। उन्हें शांत और स्थिर मन के साथ परीक्षा के लिए जाने दें।
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चिकित्सा के स्नातक पा"dयक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों का जायजा लेने के बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्" अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बै"क की।
नीट-यूजी इस साल तीन मई को कराई गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच एनटीए ने इसे 12 मई को रद्द कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)इससे जुड़े प्रकरण की जांच कर रहा है। प्रधान ने बै"क को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में शुचिता, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और दोबारा हो रही परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी पुन: परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करने के लिए सभी राज्यों में जाएंगे और एनटीए के महानिदेशक की अध्यक्षता वाले नियंत्रण केंद्र को रिपोर्ट करेंगे।उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएँ, ताकि वे तनाव-मुक्त माहौल में दोबारा परीक्षा दे सकें। इस बै"क में स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।कुमार ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे इस संबंध में उचित कदम उ"ाएं। जोशी ने कहा कि अभी से लेकर दोबारा परीक्षा की तारीख के बीच का समय बहुत अहम है। उन्होंने सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देश देने और सभी तय नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत को रेखांकित किया। अभिषेक सिंह ने कहा कि एनटीए सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है - जिनमें जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला-स्तरीय समन्वय समितियां, राज्य पुलिस विभाग और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं।
- ताकि दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जा सके।मंत्रालय के अनुसार, विस्तृत चर्चा में परीक्षा की तैयारी, समन्वय, सुरक्षा प्रोटोकॉल, साजो-सामान से जुडी व्यवस्थाएं, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन शामिल था।मंत्रालय ने बताया कि इस बै"क में 222 लोग शामिल हुए और यह बै"क हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित की गई।विभिन्न राज्यांकेंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्" अधिकारियों, केंद्र से वित्तीय अनुदान पाने वाले संस्थानों के नोडल अधिकारियों और उच्च शिक्षण संस्थानों के उपकुलपति व निदेशकों ने भी इस बै"क में हिस्सा लिया। इस बीच, एनटीए ने नीट-यूजी के अभ्यर्थियों से कहा कि वे परेशान न हों और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। एजेंसी ने साथ ही कहा कि परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एजेंसी ने एक्स पर एक संदेश में कहा कि पुन: परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को ही आयोजित की जाएगी। इसने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा स्थगित होने की अफवाहों या सोशल मीडिया पर मच रहे शोर-शराबे से प्रभावित न हों।
संदेश में अभ्यर्थियों से कहा गया कि वे सिर्फ़ एनटीए की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
एनटीए ने कहा, हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक सुरक्षित एवं निष्पक्ष परीक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। इस प्रक्रिया की शुचिता हमारी सर्वेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए मज़बूत, बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
एजेंसी ने कदाचार के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा, गलत तरीके अपनाने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा - क्योंकि ईमानदार और मेहनती छात्रों की सुरक्षा करना ही मुख्य मकसद है।
तीन मई को हुई मूल परीक्षा को रद्द करने के बारे में एनटीए ने कहा कि यह फ़ैसला अभ्यर्थियों के हित में लिया गया था और इस घटना से मिले सबक का इस्तेमाल परीक्षा प्रक्रिया को मज़बूत बनाने के लिए किया गया है।
एनटीए ने कहा, तीन मई को लिया गया मुश्किल फ़ैसला सिर्फ़ आपके भले के लिए था। जैसे ही समस्या सामने आई, हमने हर ईमानदार अभ्यर्थी के वास्ते प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कदम उ"ाए। हमने उन अनुभवों से सीखा है तथा इस बार प्रणाली को और मज़बूत किया है।
एजेंसी ने परीक्षा से जुड़े तनाव का सामना कर रहे छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता पर भी ज़ोर दिया।
संदेश में कहा गया, अगर आप बहुत ज़्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं, तो जान लें कि आप अकेले नहीं हैं। मानस मानसिक-स्वास्थ्य हेल्पलाइन (14416) उपलब्ध है और जिसे भी ज़रूरत हो, उसे मदद मिल सकती है। मदद मांगना हिम्मत की निशानी है।
एनटीए ने माता-पिता, शिक्षकों और आम लोगों से यह भी अपील की कि वे छात्रों को परेशान होने से बचाने में मदद करें तथा अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।
इसने कहा, कृपया हमारे छात्रों को परेशान होने से बचाने में हमारी मदद करें। अपुष्ट जानकारी साझा न करें। उन्हें शांत और स्थिर मन के साथ परीक्षा के लिए जाने दें।