एसबीआई लाइफ का इंश्योरेंस का पापा हैं ना कैंपेन जारी
प्रकाशित: 18-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली,(वीअ)। पिताओं को अक्सर अपने बच्चों का रक्षक माना जाता है, लेकिन उनकी भूमिका सिर्फ उन्हें चुनौतियों से बचाने तक सीमित नहीं हो। पितृत्व की इसी बदलती सोच को सामने लाते हुए एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने अपनी लोकप्रिय डिजिटल प्रॉपर्टी क्ष्पापा हैं न के तहत एक नया डिजिटल वीडियो कमर्शियल जारी किया है। यह नई डिजिटल फिल्म एक ऐसे पिता की कहानी बयाँ करती है, जो यह महसूस करता है कि बच्चे को भविष्य के लिए तैयार करने का मतलब उसे हर चुनौती से बचाना नहीं, बल्कि उसे खुद जीवन की राह पर चलना सिखाना है। यह फिल्म आज के पिताओं की बदलती भूमिका को दर्शाती है, जो सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना जानते हैं, क्योंकि जब 'पापा की प्लानिंग हो पक्की, तो लाइफ में गारंटेड बेनिफिट्स पक्के'। डिजिटल फिल्म के लॉन्च पर बोलते हुए, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर, रवींद्र शर्मा ने कहा, आज पितृत्व के मायने बदल रहे हैं। सुरक्षा की भावना तो वही है, लेकिन आज के पिता यह समझने लगे हैं कि जीवन के सबसे मूल्यवान सबक अनुभवों से मिलते हैं। बच्चों को अनिश्चितता से बचाने की कोशिश में, हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि चुनौतियाँ और गलतियाँ ही उनमें आत्मविश्वास पैदा करती हैं।
उन्होंने आगे कहा, एसबीआई लाइफ के नवीनतम कैंपेन क्ष्पापा हैं न के माध्यम से, हम उन पिताओं की कहानी सामने लाए हैं जो समझते हैं कि सच्ची सुरक्षा केवल बच्चों को बचाकर रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करना है। एसबीआई लाइफ में, यह सोच हमारे ‘अपने लिए, अपनों के लिए' के दर्शन से मेल खाती है। इस फिल्म के जरिए, हम उन पिताओं की उस भूमिका पर रोशनी डालना चाहते हैं, जो अपने बच्चों को आत्मविश्वास, हिम्मत और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने के लिए तैयार करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, एसबीआई लाइफ के नवीनतम कैंपेन क्ष्पापा हैं न के माध्यम से, हम उन पिताओं की कहानी सामने लाए हैं जो समझते हैं कि सच्ची सुरक्षा केवल बच्चों को बचाकर रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करना है। एसबीआई लाइफ में, यह सोच हमारे ‘अपने लिए, अपनों के लिए' के दर्शन से मेल खाती है। इस फिल्म के जरिए, हम उन पिताओं की उस भूमिका पर रोशनी डालना चाहते हैं, जो अपने बच्चों को आत्मविश्वास, हिम्मत और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने के लिए तैयार करते हैं।