बंगाल चुनावः आखिर फाल्टा में ऐसा क्या हुआ कि दोबारा चुनाव कराने की आ गई नौबत?
प्रकाशित: 03-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बंगाल में पहले फेज का चुनाव तो छिटपुट घटनाओं के बीच निपट गया, लेकिन दूसरे फेज की वोटिंग ने यह अहसास करा दिया कि यह बंगाल है. 29 मई को बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान कई जगहों से हिंसा, झड़प, चुनावी धांधली की खबरें सामने आई. आलम यह हुआ कि बंगाल की दो विधानसभा सीटों की 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग करानी पड़ी. डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम के 15 बूथों पर वोटिंग के बाद अब फाल्टा विधानसभा की सभी बूथों पर फिर से वोटिंग कराने की घोषणा की गई है.
फाल्टा की सभी 285 सीटों पर नए सिरे से होगा मतदान
फाल्टा में री-पोलिंग के बारे में निर्वाचन आयोग ने बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के कारण दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्र पर 21 मई को पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘‘फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान गंभीर चुनावी गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन को देखते हुए, निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्र पर नये सिरे से मतदान कराया जाए.''
आयोग ने कहा कि फाल्टा सीट के सभी मतदान केंद्रों पर 21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक पुनर्मतदान होगा, जो ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी'' प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा.
आखिर फाल्टा में क्या हुआ था?
री-पोलिंग के आदेश में चुनाव आयोग ने बताया कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में ‘‘ फाल्टा में मतदाताओं को डराने-धमकाने, बूथ के अंदर अनाधिकृत उपस्थिति और संभावित छेड़छाड़ के आरोपों को उजागर किया गया है.''
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ‘‘किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति को रोकने'' के लिए पर्याप्त केंद्रीय बलों व सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती और वेबकास्टिंग सुविधाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करें. आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए और कड़ी निगरानी रखी जाए.
TMC प्रत्याशी जहांगीर और IPS अजयपाल का वीडियो हुआ था वायरल
फाल्टा विधानसभा सीट से TMC प्रत्याशी जहांगीर खान हैं. यहां चुनाव प्रचार के दौरान वोटरों को धमकाने की शिकायत पर ऑब्जर्वर बनाए गए यूपी के चर्चित IPS अजयपाल शर्मा का वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसमें वो यह कहते दिखे, अच्छी तरह से समझ लें, किसी ने बदमाशी करी तो कायदे से इलाज किया जाएगा. कहीं से खबर आई कि किसी ने कोई खुराफात की, किसी को परेशानी करने की कोशिश की तो उसकी अच्छी से खबर ली जाएगी. जहांगीर (TMC प्रत्याशी) के घर वाले भी ये सुन लें. उसे बता देना. बार-बार खबरें आ रही हैं कि धमकाया जा रहा है. उसे बता देना, बाद में रोना-पछताना मत.
अजयपाल के इस वायरल धमकी भरे वीडियो के बाद टीएमसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. टीएमसी प्रत्याशी ने तो यहां तक कहा था कि वो (अजयपाल) अगर सिंघम है तो मैं भी पुष्पा हूं. वहीं टीएमसी प्रवक्ता ने कहा था कि आप पर हमारी नजर है. 4 मई को नतीजे के बाद आप चाहे जहां हो, आपको आपके किए की सजा मिलेगी.
चुनाव प्रचार के दौरान हुई इन तीखी बयानबाजियों के बाद वोटिंग के दिन भी फाल्टा में वोटरों को धमकाने और हिंसा से जुड़ी खबरें सामने आई थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग का फैसला लिया.
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि पुनर्मतदान तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता एवं सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान के ‘‘अत्याचारों'' पर ‘‘फाल्टा की महिलाओं की जीत'' है.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपके बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह और उनके कठपुतली ज्ञानेश कुमार के लिए मेरे ‘डायमंड हार्बर मॉडल' में जरा सी भी सेंध लगाने के लिए 10 जन्म भी पर्याप्त नहीं होंगे.''
उन्होंने कहा, ‘‘अपनी पूरी ताकत लगा दो. मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं - फाल्टा आओ. अपने सबसे ताकतवर नेता को भेजो, दिल्ली से किसी एक ‘गॉडफादर' को भेजो. अगर हिम्मत है तो फाल्टा में चुनाव लड़ो.''
फाल्टा की सभी 285 सीटों पर नए सिरे से होगा मतदान
फाल्टा में री-पोलिंग के बारे में निर्वाचन आयोग ने बताया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के कारण दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्र पर 21 मई को पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘‘फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान गंभीर चुनावी गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन को देखते हुए, निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्र पर नये सिरे से मतदान कराया जाए.''
आयोग ने कहा कि फाल्टा सीट के सभी मतदान केंद्रों पर 21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक पुनर्मतदान होगा, जो ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी'' प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा.
आखिर फाल्टा में क्या हुआ था?
री-पोलिंग के आदेश में चुनाव आयोग ने बताया कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में ‘‘ फाल्टा में मतदाताओं को डराने-धमकाने, बूथ के अंदर अनाधिकृत उपस्थिति और संभावित छेड़छाड़ के आरोपों को उजागर किया गया है.''
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ‘‘किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति को रोकने'' के लिए पर्याप्त केंद्रीय बलों व सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती और वेबकास्टिंग सुविधाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करें. आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए और कड़ी निगरानी रखी जाए.
TMC प्रत्याशी जहांगीर और IPS अजयपाल का वीडियो हुआ था वायरल
फाल्टा विधानसभा सीट से TMC प्रत्याशी जहांगीर खान हैं. यहां चुनाव प्रचार के दौरान वोटरों को धमकाने की शिकायत पर ऑब्जर्वर बनाए गए यूपी के चर्चित IPS अजयपाल शर्मा का वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसमें वो यह कहते दिखे, अच्छी तरह से समझ लें, किसी ने बदमाशी करी तो कायदे से इलाज किया जाएगा. कहीं से खबर आई कि किसी ने कोई खुराफात की, किसी को परेशानी करने की कोशिश की तो उसकी अच्छी से खबर ली जाएगी. जहांगीर (TMC प्रत्याशी) के घर वाले भी ये सुन लें. उसे बता देना. बार-बार खबरें आ रही हैं कि धमकाया जा रहा है. उसे बता देना, बाद में रोना-पछताना मत.
अजयपाल के इस वायरल धमकी भरे वीडियो के बाद टीएमसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. टीएमसी प्रत्याशी ने तो यहां तक कहा था कि वो (अजयपाल) अगर सिंघम है तो मैं भी पुष्पा हूं. वहीं टीएमसी प्रवक्ता ने कहा था कि आप पर हमारी नजर है. 4 मई को नतीजे के बाद आप चाहे जहां हो, आपको आपके किए की सजा मिलेगी.
चुनाव प्रचार के दौरान हुई इन तीखी बयानबाजियों के बाद वोटिंग के दिन भी फाल्टा में वोटरों को धमकाने और हिंसा से जुड़ी खबरें सामने आई थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग का फैसला लिया.
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि पुनर्मतदान तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता एवं सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान के ‘‘अत्याचारों'' पर ‘‘फाल्टा की महिलाओं की जीत'' है.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपके बांग्ला विरोधी गुजराती गिरोह और उनके कठपुतली ज्ञानेश कुमार के लिए मेरे ‘डायमंड हार्बर मॉडल' में जरा सी भी सेंध लगाने के लिए 10 जन्म भी पर्याप्त नहीं होंगे.''
उन्होंने कहा, ‘‘अपनी पूरी ताकत लगा दो. मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं - फाल्टा आओ. अपने सबसे ताकतवर नेता को भेजो, दिल्ली से किसी एक ‘गॉडफादर' को भेजो. अगर हिम्मत है तो फाल्टा में चुनाव लड़ो.''