वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

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प्रकाशित: 25-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
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बेंगलुरु, (भाषा)। कांग्रेस की वरिष्" नेता मीनाक्षी नटराजन ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से सवाल किया कि यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो पंजीकरण और वित्त पोषण सहित सभी विवरण देने में क्या हर्ज है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर वोट चोरी, सीट चोरी का आरोप लगाते हुए, कांग्रेस नेता ने देश में एक के बाद एक राजनीतिक पार्टियों का उन्मूलन करने की साजिश रचने और जानबूझकर कर ऐसी कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या उसका इरादा wएक देश, एकदलीय व्यवस्थौ है। नटराजन ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, वे (आरएसएस) कहते हैं कि वे कोई राजनीतिक संग"न नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक संग"न हैं। अगर ऐसा है, तो "ाrक है। लेकिन उन्हें अपनी पंजीकरण संख्या बतानी चाहिए, यह खुलासा करना चाहिए कि उसके सदस्य कौन हैं, और ऑडिट किये गए खाते सौंपने चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने खुद ही विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) को और क"ाsर बनाया है। उन्होंने कहा कि अगर आरएसएस को कोई अनुदान मिलता है, तो उसे बताना चाहिए कि यह कौन उपलब्ध कराता है, उसके न्यास की संरचना क्या है, उसका पंजीकृत कार्यालय कहां है।नटराजन ने कहा, उन्हें (आरएसएस को) यह बताना चाहिए कि उन्हें कितना चंदा मिला है, किससे मिला है और वह पैसा कर चुकाने के बाद की आय थी या नहीं - यानी वह पैसा जिसे वे गुरु दक्षिणा कहते हैं। जब उन्हें गुरु दक्षिणा के तौर पर करोड़ों रुपये का चंदा मिलता है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस देश के लोगों को इसका विवरण जानने का हक है। क्योंकि अगर कल कोई और संग"न बनता है, तो उनसे भी ये सवाल पूछना गलत नहीं होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां तक उन्हें याद है, देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी संघ के समक्ष यही सवाल उ"ाए थे। उन्होंने कहा, अगर सब कुछ पारदर्शी है, तो आगे आकर विवरण देने में क्या हर्ज है? कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे मांग कर रहे हैं कि आरएसएस अपना पंजीकरण कराये, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और वित्त पोषण, आय, खर्च तथा संपत्ति के स्रोतों का खुलासा करे। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी, सीट चोरी और पार्टी चोरी का आरोप लगाते हुए नटराजन ने कहा कि उदाहरण के तौर पर बेंगलुरु के एक विधानसभा क्षेत्र में यह बात सामने आई कि एक ही इमारत में 200 मतदाता पंजीकृत थे, जो कि वोट चोरी थी। फिर, सीट चोरी के तहत, उन्होंने लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने का काम किया -- वे स्थानीय निकाय चुनावों में ऐसा किया करते थे, और अब राज्यसभा चुनावों में भी ऐसी ही चीजें देखने को मिली हैं।कांग्रेस नेता ने कहा, और अब, वे (भाजपा) एक-एक करके राजनीतिक पार्टियों को अपने पाले में कर रहे हैं। तो सवाल यह है कि क्या वे एक देश, एकदलीय व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं, या बस अपनी जरूरत का संख्या बल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं?
क्योंकि पिछली बार उनका एक संविधान संशोधन विधेयक सदन (लोकसभा) में पारित नहीं हो पाया था, तो क्या वे उसकी भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं? वे असल में क्या हासिल करना चाहते हैं? मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द होने के मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए नटराजन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग दबाव में काम रहा है।