अयोध्या और उज्जैन में लूट पर प्रधानमंत्री चुप क्यों : कांग्रेस
प्रकाशित: 25-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ जमीन की खरीद से जुड़े आरोपों को लेकर न्यायिक जांच की मांग दोहराते हुए बुधवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या और उज्जैन में हो रही लूट पर चुप क्यों हैं।
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि जमीन घोटाले की स्वतंत्र जांच के लिए जरूरी है कि मोहन यादव को पद से हटाया जाए। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अयोध्या, उज्जैन तो झांकी हैं, काशी-मथुरा बाकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के लोग लूट की तैयारी कर रहे हैं। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, उज्जैन और अयोध्या से देश ही नहीं, बल्कि विदेश के लोगों की भी आस्था जुड़ी है। इन तीर्थ स्थलों से पैसा लूटना आस्थावान लोगों की पी" में खंजर घोंपने जैसा है। उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को है और उससे जुड़ी फाइलें उनसे होकर गुजरती हैं इसलिए वह अपनी कलम की ताकत से हेरफेर कर सकते हैं। ऐसे में मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली। उन्होंने कहा, इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुछ बोलने और कार्वाई करने की उम्मीद नहीं है। वह विदेश में मेलोडी और देश में झालमुड़ी खाएंगे तथा उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
खेड़ा ने इस बात का उल्लेख किया कि अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले का उच्चतम न्यायालय ने संज्ञान लिया लेकिन मुख्यमंत्री पेमा खांडू अब भी कुर्सी पर बै"s हैं। उन्होंने कहा, वही हाल अब मध्य प्रदेश में भी है। उन्होंने दावा किया कि मोहन यादव और खांडू के पद पर बने रहने का कारण गैर-पंजीकृत संग"न आरएसएस है क्योंकि दोनों उसी से जुड़े हैं और अयोध्या के मामले में भी इसी संग"न के लोग शामिल हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, कांग्रेस ने इस बारे में भाजपा, भाजपा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और मोहन यादव से सार्वजनिक रूप से सवाल पूछे थे। इन सवालों को पूछे 30 घंटे हो गए लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। अगर भाजपा इस बारे में जवाब नहीं दे रही तो मतलब दाल में कुछ काला है। उन्होंने अपने सवाल दोहराते हुए कहा, क्या मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी? क्या यह सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं? क्या सरकार उन सभी परियोजनाओं की समय सीमा सार्वजनिक करेगी? यदि सब कुछ पारदर्शी है तो क्या भाजपा स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी? उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच के लिए जरूरी है कि मोहन यादव मुख्यमंत्री पद पर न रहें। पटवारी ने कहा कि भाजपा मामले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का नाम लेकर इस वर्ग का अपमान कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्य प्रदेश इकाई ने मोहन यादव पर लगे भूमि घोटाले के आरोपों को निराधार बताते हुए मंगलवार को कहा था कि जब भी राज्य में पिछड़ा वर्ग का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया।
मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि जमीन घोटाले की स्वतंत्र जांच के लिए जरूरी है कि मोहन यादव को पद से हटाया जाए। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अयोध्या, उज्जैन तो झांकी हैं, काशी-मथुरा बाकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के लोग लूट की तैयारी कर रहे हैं। खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, उज्जैन और अयोध्या से देश ही नहीं, बल्कि विदेश के लोगों की भी आस्था जुड़ी है। इन तीर्थ स्थलों से पैसा लूटना आस्थावान लोगों की पी" में खंजर घोंपने जैसा है। उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को है और उससे जुड़ी फाइलें उनसे होकर गुजरती हैं इसलिए वह अपनी कलम की ताकत से हेरफेर कर सकते हैं। ऐसे में मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली। उन्होंने कहा, इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुछ बोलने और कार्वाई करने की उम्मीद नहीं है। वह विदेश में मेलोडी और देश में झालमुड़ी खाएंगे तथा उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
खेड़ा ने इस बात का उल्लेख किया कि अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले का उच्चतम न्यायालय ने संज्ञान लिया लेकिन मुख्यमंत्री पेमा खांडू अब भी कुर्सी पर बै"s हैं। उन्होंने कहा, वही हाल अब मध्य प्रदेश में भी है। उन्होंने दावा किया कि मोहन यादव और खांडू के पद पर बने रहने का कारण गैर-पंजीकृत संग"न आरएसएस है क्योंकि दोनों उसी से जुड़े हैं और अयोध्या के मामले में भी इसी संग"न के लोग शामिल हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, कांग्रेस ने इस बारे में भाजपा, भाजपा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और मोहन यादव से सार्वजनिक रूप से सवाल पूछे थे। इन सवालों को पूछे 30 घंटे हो गए लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। अगर भाजपा इस बारे में जवाब नहीं दे रही तो मतलब दाल में कुछ काला है। उन्होंने अपने सवाल दोहराते हुए कहा, क्या मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी? क्या यह सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं? क्या सरकार उन सभी परियोजनाओं की समय सीमा सार्वजनिक करेगी? यदि सब कुछ पारदर्शी है तो क्या भाजपा स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी? उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच के लिए जरूरी है कि मोहन यादव मुख्यमंत्री पद पर न रहें। पटवारी ने कहा कि भाजपा मामले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का नाम लेकर इस वर्ग का अपमान कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्य प्रदेश इकाई ने मोहन यादव पर लगे भूमि घोटाले के आरोपों को निराधार बताते हुए मंगलवार को कहा था कि जब भी राज्य में पिछड़ा वर्ग का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया।