fिदल्ली पुलिस ने म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार
प्रकाशित: 25-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने म्यूल (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और साइबर धोखाधड़ी से हासिल पैसे को इधर-उधर करने में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ कर मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान फहीम बेग (26), शुभम गोयल (27), दीपक प्रजापत (28) और मनोज कुमार टेलर (39) के रूप में हुई है। यह मामला तब सामने आया जब वजीराबाद की 31-वर्षीय महिला ने शिकायत की कि 26 मई को उसके बैंक खाते से धोखाधड़ी से एक लाख रुपये स्थानांतरित कर लिये गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने किसी के साथ कोई बैंकिंग जानकारी साझा नहीं की थी। जांच के दौरान, पुलिस ने आईपी रिकॉर्ड, पंजीकृत ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, कॉल विवरण रिकॉर्ड और कई बैंक खातों में पैसे के लेन-देन का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी से टीम मध्य प्रदेश के रतलाम पहुंची, जहां से आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, दीपक और शुभम ने फहीम को कथित तौर पर 2,000 रुपये के कमीशन के बदले अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने के लिए राजी किया।अधिकारी ने कहा, wखाते का विवरण फिर मनोज के माध्यम से एक अन्य सहयोगी को दे दिया गया, जिससे साइबर धोखाधड़ी की रकम खाते में स्थानांतरित हो गई।w
पुलिस ने पाया कि पूरे एक लाख रुपये उसी दिन चेक के माध्यम से निकाले गए थे, जिस दिन इसे स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस ने कहा कि विभिन्न चरणों में कमीशन काटने के बाद पैसे को आरोपियों के बीच वितरित किया गया।पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड बरामद किए। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए चार बैंक खातों से जुड़ी इसी तरह की 10 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज मिली हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने म्यूल (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और साइबर धोखाधड़ी से हासिल पैसे को इधर-उधर करने में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ कर मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान फहीम बेग (26), शुभम गोयल (27), दीपक प्रजापत (28) और मनोज कुमार टेलर (39) के रूप में हुई है। यह मामला तब सामने आया जब वजीराबाद की 31-वर्षीय महिला ने शिकायत की कि 26 मई को उसके बैंक खाते से धोखाधड़ी से एक लाख रुपये स्थानांतरित कर लिये गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने किसी के साथ कोई बैंकिंग जानकारी साझा नहीं की थी। जांच के दौरान, पुलिस ने आईपी रिकॉर्ड, पंजीकृत ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, कॉल विवरण रिकॉर्ड और कई बैंक खातों में पैसे के लेन-देन का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी से टीम मध्य प्रदेश के रतलाम पहुंची, जहां से आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, दीपक और शुभम ने फहीम को कथित तौर पर 2,000 रुपये के कमीशन के बदले अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने के लिए राजी किया।अधिकारी ने कहा, wखाते का विवरण फिर मनोज के माध्यम से एक अन्य सहयोगी को दे दिया गया, जिससे साइबर धोखाधड़ी की रकम खाते में स्थानांतरित हो गई।w
पुलिस ने पाया कि पूरे एक लाख रुपये उसी दिन चेक के माध्यम से निकाले गए थे, जिस दिन इसे स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस ने कहा कि विभिन्न चरणों में कमीशन काटने के बाद पैसे को आरोपियों के बीच वितरित किया गया।पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड बरामद किए। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए चार बैंक खातों से जुड़ी इसी तरह की 10 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज मिली हैं।