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पत्रकारों को तथ्यपरक उत्तरदायी एवं राष्ट्र हितकारी समाचारों के प्रति लेखनी पैनी करनी होगी ः पूर्व डीजीपी

प्रकाशित: 01-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
धर्मेन्द्र द्विवेदी
उरई-जालौन। पूर्व की भांति देश, प्रदेश, जिलों में 30 मई 2026 को प्रतिवर्ष हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है जोकि उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार संघ इकाई जालौन की ओर से जिला पंचायत जालौन सभागार में पत्रकारिता दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें सभी समाज प्रहरी जिम्मेदार पत्रकार साथियों को समाज में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका का दर्पण माना जाता है, यह किसी से छिपा नहीं है। जिसका आयोजन उक्त संघ द्वारा किया गया था, जिसके मुख्य अतिथि के रूपम में पूर्व डी0जी0पी0 डॉ0 सूर्य कुमार शुक्ला रहे, मुख्य अतिथि द्वारा उक्त कार्पाम का शुभारम्भ किया गया जिसमें सभी जिले के वरिष्ठ पत्रकार बन्धु एवं समाज के प्रबुद्ध वर्ग, जनप्रतिनिधि, अधिवक्तागण एवं समाजसेवियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
विदित हो कि समाज के चौथे स्तम्भ की समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में पत्रकारिता में रिस्क लेकर प्रशासन एवं पुलिस से भिड़कर छोटी बड़ी खबरों को समाज के दर्पण बनकर असली खबरों को समाचार पत्रों के माध्यम से पाठकगणें के बीच में लाया जाता है। मुख्य अतिथि डॉ0 सूर्य कुमार शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता का वर्तमान स्वरूप सोशल मीडिया डिजिटल की चुनौतियां पत्रकारों के बीच में काफी कठिनाईयॉं है। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाएं अत्यन्त तीव्र गति से प्रसारित होना समाज के लिए हितकारी नहीं है। सूचना का वेग यदि विवेक से नियंत्रित न हो तो वह समाज में भ्रम एवं अव्यवस्था उत्पन्न कर सकता है। इसीलिए पत्रकारों को तथ्यपरक उत्तरदायी राष्ट्रहित कारी पत्रकारिता को समाज में परोसना होगा और आग्रह किया कि पत्रकार वैसे भी बुद्धिजीवी होता है उनको हमारे समझाने की आवश्यकता नहीं है, मेरा यह छोटा सा सुझाव पत्रकारों को चैतन्य कर समाज को नयी दिशा दे सकता है। इसी ाढम में कार्पाम संयोजक एवं उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष श्रीकान्त शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी पत्रकारिता आज के दौर में पांमण के दौर से गुजर रही है, जहां एक ओर तकनीकी ने अभूतपूर्वक सम्भावनाओं के द्वार खोले हैं वहीं दूसरी और सत्य विश्वसनीयता और नैतिकता की कठौती भी पहले से पत्रकारों की अधिक जिम्मेदारी बढ़ गयी है।
उक्त कार्पाम के विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष जालौन डॉ0 घनश्याम अनुरागी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की जिम्मेदारी अधिक इसलिए और बढ़ गयी कि वर्तमान समय में डिजिटल करैंसी और इण्टरनेट ने हिन्दी पत्रकारिता को वैश्विक क्षितिज प्रदान किया है। आज हिन्दी केवल भाषा नहीं बल्कि करोड़ों जन मानस की अभिव्यक्ति और चेतना का माध्यम बन चुकी है। राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं पीसीयू के उपसभापति बृजकिशोर गुप्ता ने कहा कि आज हिन्दी समाचार पत्र बेवसाईड एवं डिजिटल एवं न्यूज पोर्टल देश के कोने कोने तक अपनी पहचान बना चुका है, हिन्दी पत्रकारिता अब सीमाओं में बंधी नहीं बल्कि वैश्विक समाज की धुरी बन रही है। जबकि जिला बार संघ अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि पटेल ने कहा कि हिन्दी का प्रथम समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड का स्मरण करते हुए बताया कि इसका प्रथम प्रकाशन 30 मई 1826 को हुआ था, तभी से पत्रकारगण को आगे बढाते हुए आ रहे हैं।
पूर्व आई0आर0एस0 अधिकारी शम्भू दयाल ने हिन्दी भाषा की बढ़ती लोकप्रियता और उसकी सर्वग्राहता पर विचार व्यक्त किए, सी0डी0ओ0 जालौन कुमुदेन्द्र कलाकार सिंह ने कहा कि इण्टरनेट और आधुनिक तकनीकी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नवाचार और सम्भावनाओं के अनन्त द्वार खोल दिये है। उक्त कार्पाम का सफल संचालन शशिकान्त उर्फ सोनू शर्मा ने किया।
उक्त कार्पाम में ाढय पाय उरई के सभापति हरेन्द्र पाम सिंह, वरिष्ठ नेता सुरेश निरंजन भईया जी, भाकियू राष्ट्रीय महामंत्री राजवीर सिंह जादौन, वरिष्ठ पत्रकार दीपक अग्निहोत्री, अरविन्द द्विवेदी, ब्यूरो चीफ दैनिक आज, एड0 एवं वरिष्ठ पत्रकार विष्णु चतुर्वेदी, सुनील शर्मा, नीरज निगम, वीरेन्द्र चौहान, बृजेश समाधिया, धनंजय त्रिवेदी, कमलकान्त दुवे, सोनू निरंजन, सोवरन सिंह, ओमप्रकाश राठौर, सत्येन्द्र रजावत, आदि पत्रकारगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।