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मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई, 2026 तक विभागीय पोर्टल पर किया जा सकेगा ऑनलाइन आवेदन

प्रकाशित: 17-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ0 संजय कुमार निषाद ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर वर्तमान वित्तीय वर्ष में मत्स्य विभाग की राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनसामान्य हेतु विभागीय पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल पर आवेदक 16 जुलाई से 31 जुलाई, 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
इस अवसर पर डॉ0 संजय कुमार निषाद ने प्रेस प्रतिनिधियों को बताया कि प्रदेश में मत्स्य विकास की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टि से समुचित उपयोग करने तथा प्रदेश को मत्स्य उत्पादन में अग्रणी बनाने तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए पोर्टल खोला गया है। प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तथा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के प्रस्तावित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष से मत्स्य विभाग द्वारा 07 नई योजनाएं (03 लाभार्थीपरक एवं 04 अलाभार्थीपरक) संचालित की गई हैं।
विभाग की तीन नई लाभार्थीपरक योजनाओं में उत्तर प्रदेश में मोती संवर्धन, विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना, अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में मात्स्यिकी के विकास हेतु नए तालाब निर्माण व प्रथम वर्ष निवेश योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसमें प्रदेश में मत्स्य पालन के साथ-साथ मोती की खेती, मार्केटिंग और मूल्य-वृद्धि को विकसित करने एवं रोजगार सृजन व आकर्षक मोतियों के उत्पादन के उद्देश्य से "उत्तर प्रदेश में मोती संवर्धन" योजना लागू की गयी है जिसके अंतर्गत 3.00 करोड़ रुपये मत्स्य पालकों को अनुदान के रूप में डीबीटी (अऊ) के माध्यम से वितरित किया जायेगा। इसी प्रकार राज्य के चारों भौगोलिक क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उच्च उपज वाली मत्स्य प्रजाति जैसे पंगेसियस, तिलपिया के मत्स्य बीज उपलब्ध कराए जाने हेतु विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत 05 हैचरियों का निर्माण कराते हुए 1.35 करोड़ रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से वितरित किया जायेगा। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन, उत्पादकता, आजीविका और पारिस्थितिकीय संतुलन में सुधार एवं अंतर्देशीय खारे जलक्षेत्र का सतत विकास करने के उद्देश्य से अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में मात्स्यिकी के विकास हेतु नए तालाब निर्माण व प्रथम वर्ष निवेश एवं झींगा बीज रिययरिंग इकाइयों के निर्माण हेतु योजना के अंतर्गत 0.35 करोड़ रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से वितरित किया जायेगा।