राज्यपाल की अध्यक्षता में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,गोरखपुर की समीक्षा बैठक आयोजित
प्रकाशित: 16-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में 14 मई, 2026 को जन भवन, लखनऊ में देर शाम मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन एवं विभागाध्यक्षों द्वारा शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों, छात्र प्रवेश की स्थिति, छात्र उपलब्धियों, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट, स्टार्टअप, तकनीकी प्रदर्शनी, फैकल्टी उपलब्धियों, शोध उत्कृष्टता, छात्रावास व्यवस्थाओं, परियोजनाओं तथा खेल गतिविधियों सहित विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत प्रस्तुति राज्यपाल महोदया के समक्ष दी गई। बैठक में राज्यपाल जी ने विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ड्रोन का अधिकतम उपयोग किसानों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने अद्यतन एवं समसामयिक विषयों पर शोध कार्य को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीक आधारित नवाचारों को समाजोपयोगी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच हेतु किट विकसित करने अथवा ाढय कर किटों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा छात्रावासों में बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।
राज्यपाल जी ने छात्रावासों में विद्यार्थियों की संख्या एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद किया जाए। विशेष रूप से बालिका छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में स्वच्छता एवं अनुशासन के प्रति स्वयं जागरूकता विकसित की जानी चाहिए।
राज्यपाल जी ने छात्रावासों में विद्यार्थियों की संख्या एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद किया जाए। विशेष रूप से बालिका छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में स्वच्छता एवं अनुशासन के प्रति स्वयं जागरूकता विकसित की जानी चाहिए।