राज्यपाल की अध्यक्षता में हुआ एफपीओ स्तरीय कृषि चुनौतियों पर मंथन
प्रकाशित: 25-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज नाबार्ड, लखनऊ में “एफ0पी0ओ0 स्तरीय कृषि चुनौतियों पर चर्चा'' कार्पाम का आयोजन किया गया। कार्पाम में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के समक्ष आने वाली विभिन्न कृषि संबंधी चुनौतियों तथा उनके समाधान के लिए विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने एफपीओ के समक्ष आने वाली समस्याओं, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग, मूल्य संवर्धन, विपणन व्यवस्था, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्पाम के दौरान कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने तथा एफपीओ को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया।
राज्यपाल जी ने कार्पाम स्थल पर प्रदर्शित एफपीओ उत्पादों एवं कृषि उपज का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों द्वारा प्रदर्शित फलों, कृषि उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और किसानों एवं महिला किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उत्पादों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तथा विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित नवीन तकनीकों, शोध एवं नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए, जिससे कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव हो सके। केवल शोधपत्र तैयार करने, निरीक्षण करने अथवा व्याख्यान देने से उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी। जो भी शोध, तकनीक, उपकरण अथवा मशीनें विकसित की जाएं, उन्हें किसानों के खेतों तक ले जाकर उनका व्यवहारिक प्रदर्शन किया जाए, तभी किसानों को उनका वास्तविक लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने एफपीओ के समक्ष आने वाली समस्याओं, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग, मूल्य संवर्धन, विपणन व्यवस्था, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्पाम के दौरान कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने तथा एफपीओ को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया।
राज्यपाल जी ने कार्पाम स्थल पर प्रदर्शित एफपीओ उत्पादों एवं कृषि उपज का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों द्वारा प्रदर्शित फलों, कृषि उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और किसानों एवं महिला किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उत्पादों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तथा विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित नवीन तकनीकों, शोध एवं नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए, जिससे कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव हो सके। केवल शोधपत्र तैयार करने, निरीक्षण करने अथवा व्याख्यान देने से उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी। जो भी शोध, तकनीक, उपकरण अथवा मशीनें विकसित की जाएं, उन्हें किसानों के खेतों तक ले जाकर उनका व्यवहारिक प्रदर्शन किया जाए, तभी किसानों को उनका वास्तविक लाभ प्राप्त होगा।