हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर 'सुप्रीम फैसला' आज, छावनी में तब्दील हुआ शहर
प्रकाशित: 10-12-2025 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर 'सुप्रीम फैसला' आज, छावनी में तब्दील हुआ शहर
उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अवैध रूप से काबिज करीब 50 हजार लोगों के भविष्य का फैसला आज सुप्रीम कोर्ट में होना है. रेलवे भूमि अतिक्रमण से जुड़े इस बहुचर्चित बनभूलपुरा प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. हालांकि इस मामले में 2 दिसंबर को फैसला आना था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 10 दिसंबर की तारीख निश्चित की थी. इस मामले की सुनवाई के मद्देनजर हल्द्वानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है. नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में हैं. संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा को पूरी तरह सील कर दिया गया है. यहां बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है. शहर के भीतर और सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
• बैरिकेडिंग, फ्लैग मार्च और ड्रोन निगरानी
• मेटल डिटेक्शन और एंटी-सबोटाज ऑपरेशन
• BDS टीमों द्वारा बम जांच
• सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर सेल की सक्रियता
स्थानीय आईडी अनिवार्य, संदिग्धों पर नजर
बनभूलपुरा के कोर इलाकों में लोकल आईडी के बिना प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है. पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
10 दिसंबर को भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक जिले की सीमाओं में भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी मालवाहक ट्रकों को रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं. रामपुर, किच्छा, बरेली, बाजपुर, सितारगंज और काशीपुर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा. पर्वतीय रूटों के लिए टनकपुर–चंपावत मार्ग का इस्तेमाल करना होगा.
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी अराजकता पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी.
उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अवैध रूप से काबिज करीब 50 हजार लोगों के भविष्य का फैसला आज सुप्रीम कोर्ट में होना है. रेलवे भूमि अतिक्रमण से जुड़े इस बहुचर्चित बनभूलपुरा प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. हालांकि इस मामले में 2 दिसंबर को फैसला आना था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 10 दिसंबर की तारीख निश्चित की थी. इस मामले की सुनवाई के मद्देनजर हल्द्वानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है. नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में हैं. संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा को पूरी तरह सील कर दिया गया है. यहां बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है. शहर के भीतर और सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
• बैरिकेडिंग, फ्लैग मार्च और ड्रोन निगरानी
• मेटल डिटेक्शन और एंटी-सबोटाज ऑपरेशन
• BDS टीमों द्वारा बम जांच
• सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर सेल की सक्रियता
स्थानीय आईडी अनिवार्य, संदिग्धों पर नजर
बनभूलपुरा के कोर इलाकों में लोकल आईडी के बिना प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है. पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
10 दिसंबर को भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक जिले की सीमाओं में भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी मालवाहक ट्रकों को रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं. रामपुर, किच्छा, बरेली, बाजपुर, सितारगंज और काशीपुर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा. पर्वतीय रूटों के लिए टनकपुर–चंपावत मार्ग का इस्तेमाल करना होगा.
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी अराजकता पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी.