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ट्विशा शर्मा की मौत: आधुनिक शादी में भी दहेज की सच्चाई

प्रकाशित: 20-05-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
ट्विशा शर्मा की मौत: आधुनिक शादी में भी दहेज की सच्चाई
आदित्य नरेन्द्र
नोएडा की 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा, पूर्व मिस पूणे, एमबीए स्नातक और मार्केटिंग प्रोफेशनल, मात्र पांच महीने की शादी के बाद 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मृत पाई गईं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत एंटीमॉर्टम हैंगिंग बाय लिगेचर (फांसी) से हुई। रिपोर्ट में शरीर पर मल्टीपल एंटीमॉर्टम इंजरी (मृत्यु से पहले लगी चोटें) भी दर्ज हैं।
ट्विशा ने दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से शादी की थी। दोनों की मुलाकात 2024 में डेटिंग ऐप पर हुई थी। ट्विशा की परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास (रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह) पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि ट्विशा गर्भवती थीं (लगभग दो महीने) और हाल ही में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराई गई थी।
जांच की वर्तमान स्थिति
‡ भोपाल पुलिस ने दहेज मौत और उत्पीड़न की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
‡ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जो सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
‡ पति समर्थ सिंह फरार हैं; उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, पासपोर्ट रद्द करने की प्रािढया शुरू और गिरफ्तारी पर 10,000 रुपए इनाम घोषित।
‡ भोपाल कोर्ट ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सास गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
‡ट्विशा के परिवार ने दूसरा पोस्टमॉर्टम एम्स दिल्ली में कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नोट: यह मामला अभी जांच के अधीन है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। पुलिस ने ड्रग एडिक्शन संबंधी दावों की पुष्टि नहीं की है। अंतिम सत्य जांच रिपोर्ट और अदालत के फैसले से ही सामने आएगा।
व्यापक संदर्भ ः ट्विशा की मौत का मामला इसलिए ज्यादा चर्चित है क्योंकि वे शिक्षित, स्वतंत्र और आधुनिक पृष्ठभूमि की महिला थीं। फिर भी दहेज की मानसिकता कथित तौर पर उनके साथ जुड़ी रही। भारत में दहेज निषेध अधिनियम 1961 के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं।
ट्विशा की कहानी एक बार फिर याद दिलाती है कि शिक्षा, नौकरी या शहर कुछ भी हो, दहेज जैसी सोच जब तक समाज से नहीं निकलती, तब तक महिलाओं की सुरक्षा एक चुनौती बनी रहेगी।
न्याय की मांग: ट्विशा के परिवार को निष्पक्ष, तेज और पारदर्शी जांच चाहिए। पूरा देश एसआईटी की रिपोर्ट और अदालती प्रािढया पर नजर रखे हुए है।