चिनफिंग संग वार्ता के बाद ट्रंप की चीन यात्रा संपन्न
प्रकाशित: 16-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
बीजिंग, (भाषा)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपनी वार्ता को ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बताया, हालांकि किसी भी विवादास्पद मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को चीन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा पूरी कर बीजिंग से रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान ट्रंप ने चिनफिंग के साथ ईरान युद्ध और व्यापार सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर कई दौर की वार्ता की। ट्रंप के रवाना होने से पहले दोनों नेताओं ने बीजिंग में कड़ी सुरक्षा वाले चीनी राष्ट्रपति के आवास झोंगनानहाई में एक निजी बै"क की। चीनी पक्ष के अनुसार, ट्रंप ने इस यात्रा को बेहद सफल और अविस्मरणीय बताया। शी चिनफिंग को अपना एक पुराना दोस्त बताते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके मन में अपने चीनी समकक्ष के लिए बहुत सम्मान है और उन्होंने गहन संवाद बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की। शुक्रवार को दोनों नेताओं की अंतिम बै"क के दौरान शी चिनफिंग ने कहा कि ट्रंप की यात्रा एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हुई तथा दोनों पक्षों ने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक संबंध बनाने का नया दृष्टिकोण स्थापित किया है। शी जिनपिंग ने कहा, स्थिर आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और एक-दूसरे की चिंताओं को "ाrक से संबोधित करने पर हम महत्वपूर्ण आम सहमति पर पहुंचे हैं। शी के अनुसार, चीन और अमेरिका अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग को लेकर भी सहमत हुए। चीनी नेता ने कहा कि यह यात्रा आपसी समझ बढ़ाने, पारस्परिक विश्वास को गहरा करने और दोनों देशों के लोगों के कल्याण में सुधार लाने के लिए लाभदायक है। दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को भी बातचीत की थी। इस दौरान शी चिनफिंग ने ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से दर्शाने से दोनों देशों के बीच टकराव और यहां तक कि संघर्ष भी शुरू हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस द्वारा जारी दोनों नेताओं की बै"क के ब्योरे के अनुसार, ट्रंप ने शी और उनकी पत्नी को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया और दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ऊर्जा के मुक्त प्रवाह का सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेसवार्ता के दौरान विवादास्पद मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच बनी आम सहमति के विवरण से संबंधित सवालों का जवाब देने से परहेज किया। दोनों नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान शी-ट्रंप के बीच ईरान युद्ध को समाप्त करने या भविष्य में अमेरिकी तेल खरीदने के समझौते से संबंधित सवालों के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि चीन वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। बताया जाता है कि ट्रंप ने निजी बै"क में कहा कि वह शी के साथ ईमानदार और गहन संवाद बनाए रखने के इच्छुक हैं। उन्होंने झोंगनानहाई निमंत्रण के लिए आभार भी जताया। यह नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन की पहली यात्रा है। ट्रंप स्वयं 2017 में चीन की यात्रा करने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को चीन की अपनी तीन दिवसीय यात्रा पूरी कर बीजिंग से रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान ट्रंप ने चिनफिंग के साथ ईरान युद्ध और व्यापार सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर कई दौर की वार्ता की। ट्रंप के रवाना होने से पहले दोनों नेताओं ने बीजिंग में कड़ी सुरक्षा वाले चीनी राष्ट्रपति के आवास झोंगनानहाई में एक निजी बै"क की। चीनी पक्ष के अनुसार, ट्रंप ने इस यात्रा को बेहद सफल और अविस्मरणीय बताया। शी चिनफिंग को अपना एक पुराना दोस्त बताते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके मन में अपने चीनी समकक्ष के लिए बहुत सम्मान है और उन्होंने गहन संवाद बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की। शुक्रवार को दोनों नेताओं की अंतिम बै"क के दौरान शी चिनफिंग ने कहा कि ट्रंप की यात्रा एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हुई तथा दोनों पक्षों ने रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक संबंध बनाने का नया दृष्टिकोण स्थापित किया है। शी जिनपिंग ने कहा, स्थिर आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और एक-दूसरे की चिंताओं को "ाrक से संबोधित करने पर हम महत्वपूर्ण आम सहमति पर पहुंचे हैं। शी के अनुसार, चीन और अमेरिका अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग को लेकर भी सहमत हुए। चीनी नेता ने कहा कि यह यात्रा आपसी समझ बढ़ाने, पारस्परिक विश्वास को गहरा करने और दोनों देशों के लोगों के कल्याण में सुधार लाने के लिए लाभदायक है। दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को भी बातचीत की थी। इस दौरान शी चिनफिंग ने ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से दर्शाने से दोनों देशों के बीच टकराव और यहां तक कि संघर्ष भी शुरू हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस द्वारा जारी दोनों नेताओं की बै"क के ब्योरे के अनुसार, ट्रंप ने शी और उनकी पत्नी को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया और दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ऊर्जा के मुक्त प्रवाह का सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेसवार्ता के दौरान विवादास्पद मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच बनी आम सहमति के विवरण से संबंधित सवालों का जवाब देने से परहेज किया। दोनों नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान शी-ट्रंप के बीच ईरान युद्ध को समाप्त करने या भविष्य में अमेरिकी तेल खरीदने के समझौते से संबंधित सवालों के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि चीन वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। बताया जाता है कि ट्रंप ने निजी बै"क में कहा कि वह शी के साथ ईमानदार और गहन संवाद बनाए रखने के इच्छुक हैं। उन्होंने झोंगनानहाई निमंत्रण के लिए आभार भी जताया। यह नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन की पहली यात्रा है। ट्रंप स्वयं 2017 में चीन की यात्रा करने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति थे।