पाक ने फिर की अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक, 13 की मौत
प्रकाशित: 11-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
काबुल, (एपी)। अफगानिस्तान ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान ने देश के भीतर नए सिरे से हवाई हमले किए हैं, जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।
दोनों देशों के बीच महीनों से संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने बताया कि हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाकर किए गए, जिनमें 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।
पाकिस्तान की ओर से इन हमलों की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई या कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।ये हवाई हमले उस घटना के एक दिन बाद हुए, जब अफगानिस्तान की सीमा से सटे उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हसन खेल क्षेत्र में संदिग्ध पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद भीषण मु"भेड़ हुई, जिसमें फेडरल कॉन्स्टेबुलरी के छह जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने हमलावरों में से आ" को मार गिराया और चौकी पर कब्जा करने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया।बाद में, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पेशावर में शहीद जवानों के जनाजे की नमाज में हिस्सा लिया। नकवी ने मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान एकजुट है और शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले समूहों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।फरवरी के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तब और बढ़ गया था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर जवाबी सीमापार हमला किया था। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध में किया गया था।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
टीटीपी अफगान तालिबान से अलग संग"न है, लेकिन उसका सहयोगी माना जाता है। अफगान तालिबान 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की अव्यवस्थित तरीके से वापसी के दौरान सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से अफगानिस्तान पर शासन कर रहा है।
दोनों देशों के बीच महीनों से संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने बताया कि हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाकर किए गए, जिनमें 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई।
पाकिस्तान की ओर से इन हमलों की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई या कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।ये हवाई हमले उस घटना के एक दिन बाद हुए, जब अफगानिस्तान की सीमा से सटे उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हसन खेल क्षेत्र में संदिग्ध पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादियों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद भीषण मु"भेड़ हुई, जिसमें फेडरल कॉन्स्टेबुलरी के छह जवान मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने हमलावरों में से आ" को मार गिराया और चौकी पर कब्जा करने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया।बाद में, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पेशावर में शहीद जवानों के जनाजे की नमाज में हिस्सा लिया। नकवी ने मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान एकजुट है और शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले समूहों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।फरवरी के अंत से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह संघर्ष तब और बढ़ गया था जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के भीतर जवाबी सीमापार हमला किया था। यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के प्रतिशोध में किया गया था।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
टीटीपी अफगान तालिबान से अलग संग"न है, लेकिन उसका सहयोगी माना जाता है। अफगान तालिबान 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की अव्यवस्थित तरीके से वापसी के दौरान सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से अफगानिस्तान पर शासन कर रहा है।