चेन्नई में फंसी सरगुजा की तीन युवतियां, घर वापसी के लिए विधायक से लगाई मदद की गुहार
प्रकाशित: 23-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
सरगुजा, (छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। जिले के सीतापुर क्षेत्र की तीन युवतियों के चेन्नई में पंसने का मामला सामने आया है। युवतियों ने सुरक्षित घर वापसी के लिए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक ने पुलिस प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की रहने वाली तीन युवतियों को करीब तीन महीने तक जशपुर में सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बेहतर रोजगार और प्लेसमेंट का भरोसा देकर कांचीपुरम ले जाया गया। युवतियों का आरोप है कि प्लेसमेंट के नाम पर उन्हें चेन्नई पहुंचाने वाले दो युवतियों और एक युवक ने अब घर लौटने के लिए उनसे 10-10 हजार रुपये की मांग की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना मुश्किल हो रहा है, जिसके कारण युवतियां वहां पंसी हुई हैं।मामले की सूचना मिलने पर विधायक रामकुमार टोप्पो ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सीतापुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किस संस्था, एजेंसी या व्यक्पि के माध्यम से चेन्नई भेजा गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्लेसमेंट के नाम पर किसी प्रकार की धोखाधड़ी, बंधक बनाकर रखने या मानव तस्करी जैसी गतिविधि तो नहीं हुई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाप वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पिलहाल प्रशासन और पुलिस युवतियों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की रहने वाली तीन युवतियों को करीब तीन महीने तक जशपुर में सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बेहतर रोजगार और प्लेसमेंट का भरोसा देकर कांचीपुरम ले जाया गया। युवतियों का आरोप है कि प्लेसमेंट के नाम पर उन्हें चेन्नई पहुंचाने वाले दो युवतियों और एक युवक ने अब घर लौटने के लिए उनसे 10-10 हजार रुपये की मांग की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना मुश्किल हो रहा है, जिसके कारण युवतियां वहां पंसी हुई हैं।मामले की सूचना मिलने पर विधायक रामकुमार टोप्पो ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सीतापुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किस संस्था, एजेंसी या व्यक्पि के माध्यम से चेन्नई भेजा गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्लेसमेंट के नाम पर किसी प्रकार की धोखाधड़ी, बंधक बनाकर रखने या मानव तस्करी जैसी गतिविधि तो नहीं हुई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाप वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पिलहाल प्रशासन और पुलिस युवतियों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में जुटे हुए हैं।