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छत्तीसगढ़ के वेदांत पावर प्लांट में धमाका, 10 की मौत, कई घायल

प्रकाशित: 15-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
छत्तीसगढ़ के वेदांत पावर प्लांट में धमाका, 10 की मौत, कई घायल
छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के सिंघीतराई इलाके में स्थित वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया. दरअसल यहां हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया. इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, प्लांट में काम के दौरान अचानक बॉयलर में जोरदार विस्फोट हो गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
घायलों का इलाज जारी
हादसे के बाद घायलों को तुरंत जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिलट में भर्ती कराया गया है. यहां पर डॉक्टरों की विशेष टीम इन घायलों का इलाज कर रही है. कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक कुल 21 मजदूर घायल अवस्था में अस्पताल लाए गए हैं. जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. इलाज के दौरान 7 लोगों की मौत हुई वहीं प्लांट में ही 3 मजदूरों ने दम तोड़ा दिया. इस तरह मरने वालों की संख्या 10 हो गई है.
प्रशासन का बयान
इस घटना पर प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि बॉयलर विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई है और करीब 15 लोग घायल हैं. प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहली बार नहीं है जब बॉयलर विस्फोट ने जानें ली हों. मार्च 2025 में गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र में एक पेपर मिल में बॉयलर फटने से 3 मजदूरों की मौत हो गई थी. उस हादसे में विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मजदूर कई फीट दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे ऐसे हादसे औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. क्या प्लांट में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था? क्या बॉयलर की नियमित जांच की गई थी? या फिर क्या कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण मिला था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे.
सक्ति जिले का यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा की अनदेखी के गंभीर परिणामों को भी उजागर करता है. सरकार और संबंधित एजेंसियों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे ऐसी घटनाओं की गहन जांच करें और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं.